*सीईओ नोएडा डॉ लोकेश एम को हटाने का औचित्य?*
नोएडा में युवा इंजीनियर के डूबने का मामला: _-राजेश बैरागी-_ यदि युवा इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के लिए सरकार की यह कार्रवाई उचित है तो मेरे चार प्रश्न सरकार की खिदमत में पेश हैं -क्या इस गैर इरादतन हत्या के लिए नोएडा प्राधिकरण सीधे तौर पर जिम्मेदार है? क्या नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ लोकेश एम इस घटना के लिए सीधे तौर पर अकेले जिम्मेदार थे? तीसरा प्रश्न यह है कि कल रविवार की देर शाम सेवा से बर्खास्त किए गए नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल के संविदा अवर अभियंता नवीन की बलि लेने का क्या औचित्य था? चौथा और अहम् प्रश्न यह है कि एक संविदा जेई और मुख्य कार्यपालक अधिकारी के बीच के किरदार कहां हैं जिन्हें अभी तक इस घटना की कार्रवाई से ओझल रखा जा रहा है? नोएडा प्राधिकरण के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मुख्य कार्यपालक अधिकारी को किसी ऐसी घटना के लिए पद से हटाया गया है।हालांकि मैं इस मामले में नोएडा प्राधिकरण पर बाद में कार्रवाई किए जाने के पक्ष में था। मैं कमिश्नरेट पुलिस, दमकल विभाग और राज्य आपदा मोचन बल की गैर पेशेवर भूमिका से बेहद निराश हूं।ये तीनों युव...