नशा मुक्ति का इरादा होना चाहिए- डॉ कुसुम पथरिया
नोएडा: सामाजिक न्याय व महिला अधिकारिता बोर्ड के महिला विंग की अध्यक्ष और समाज सेविका डॉ कुसुम पथरिया बताती हैं कि नशा मुक्ति केंद्र के लोग नशेरियों के सुधार की बात करते हैं लेकिन कुछ समय के लिए ही सुधार ले पाते हैं, क्योंकि फिर थोड़े समय बाद नशेड़ी फिर उसी चंगुल में फंस जाते हैं। फिर यह सब अंतहीन तरीके से चलता रहता है। उनके अनुसार सुधार केंद्र कारगर होते हैं, लेकिन उससे पहले व्यक्ति के अंदर खुद यह इच्छा होनी चाहिए कि इसे छोडऩा है। अगर उनका इरादा ही नहीं है और हमने उन्हें जबर्दस्ती सुधार केंद्र में रख दिया तो यह काम नहीं करने वाला है। उन्होंने बताया कि मैं ऐसे कई परिवारों को जानती हूं। उनकी परेशानियां शब्दों में बयां नहीं की जा सकतीं। एक बार अगर ऐसे लोग केमिकल ड्रग्स की पकड़ में आ गए तो वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए वे कोई भी अपराध कर सकते हैं। अगर आपके बच्चे बड़े हो रहे हैं तो वे बाहर जाते ही हैं ।स्कूल कॉलेज तो जाते ही हैं ।उन पर नजर रखने की जरूरत है। मान लीजिए उन्होंने ऐसा कुछ किया और आपको पता चल गया तो आप उन्हें शुरु में ही रोककर उनका ध्यान...