दो वर्षों में रूफटॉप सोलर को अपनाने की रफ्तार बढ़ी, इच्छुक परिवारों में से 80% से अधिक ने बिजली बिल में आने वाली कमी को प्रमुख लाभ बताया
नई दिल्ली : इस साल गर्मी में भारत में बिजली की अधिकतम मांग (पीक पावर डिमांड) लगभग 270 गीगावाट (GW) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो बताता है कि घरों और पावर सिस्टम के लिए रूफटॉप सोलर (छतों पर लगने वाली सौर ऊर्जा) जैसे विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा स्रोत कितनी तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। 'काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर' (CEEW) के एक नए अध्ययन के अनुसार, रूफटॉप सोलर को लगाने के इच्छुक 81 प्रतिशत परिवारों ने इसे अपनाने के पीछे बिजली बिलों में कमी को मुख्य वजह बताया। अध्ययन में शामिल जिन परिवारों ने रूफटॉप सोलर को अपनाया है, उन्हें बिलों में भारी बचत का लाभ मिला है, और परिवारों ने बिजली बिलों में औसतन 71 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। अध्ययन का सुझाव दिया गया है कि चूंकि भारत ने रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में एक मजबूत गति हासिल कर ली है, इसलिए इसका अगला चरण भरोसा, वित्तीय विकल्पों की समझ, सरल प्रक्रियाओं और स्थानीय चैंपियंस के जरिए रूफटॉप सोलर की जागरूकता को इसे अपनाने में बदलने पर निर्भर करेगा। सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PMSGY) की शुरुआत के बाद आवासीय रूफटॉप सोलर पर उपभो...