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शिक्षा शुल्क में बेजा वृद्धि करने वाले स्कूलों पर अर्थ दंड

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बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21 नोएडा से कम्पोजिट फीस के अतिरिक्त अलग से एनुअल चार्ज वसूलने के लिए एक लाख रुपए का अर्थ दंड वसूला जाएगा  -राजेश बैरागी-  नोएडा:मुंशी प्रेमचंद ने अपने कालजयी उपन्यास रंगभूमि की शुरुआत इस बात से की थी कि शिक्षण संस्थान केवल शुल्क वसूलने वाले संस्थान बन गये हैं। गौतमबुद्धनगर समेत सभी जनपदों के निजी स्कूल मनमाने तरीके से हर वर्ष  शिक्षण शुल्क में वृद्धि कर देते हैं । यही नहीं, प्रति वर्ष प्रवेश शुल्क और बिल्डिंग शुल्क जैसे शुल्क लगाकर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जाता है। गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने  ऐसे सात स्कूलों पर एक एक लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया है जिन्होंने शुल्क विनियमन अधिनियम का उल्लंघन कर 7.23 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की है।इन स्कूलों में  ऐ०पी०जे० स्कूल, सेक्टर-16 नोएडा, स्पर्श ग्लोबल स्कूल, एच०एस०-1 सेक्टर-20 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रामाज्ञा स्कूल, सेक्टर-50 नोएडा, विश्व भारती स्कूल, सेक्टर-28 नोएडा, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, गौर सिटी ग्रेटर नोएडा तथा सेन्ट जोन्स स्कूल, एच०एस०-01 सेक्टर-02 ग्रेटर नोएडा...

केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलकर किसानों ने एथेनॉल के समर्थन में बुलंद की आवाज़

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कृषि भवन में देशभर के किसान नेता एथेनॉल पर  की  खुलकर बात नई दिल्ली;  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात कर साफ कहा कि एथेनॉल खेती के लिए बड़ा मौका है, बशर्ते इसकी नीति किसान–केंद्रित हो और फसल का सही दाम सीधे किसान तक पहुँचे; कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किसान नेताओं के सभी सुझाव ध्यान से सुने, अपना मार्गदर्शन देते हुए भरोसा दिलाया कि एथेनॉल पर किसानों की बात को सरकार गंभीरता से लेगी। शिवराज सिंह ने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान है और किसानों के लिए कृषि भवन के द्वार सदैव खुले हैं। नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से AIKCC के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात की, जिसमें पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित देशभर के किसान नेता शामिल रहे। बैठक में मुख्य फोकस एथेनॉल, किसानों की आय, एमएसपी, बाज़ार और राष्ट्रीय कृषि नीति पर रहा, लेकिन किसानों ने साफ़ शब्दों में कहा कि वे एथेनॉल के पक्ष में...

चंदन रोपण अभियान:खुशबू से महकेगा सेक्टर १२२

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सीनियर सिटीज़न क्लब का संदेश—“चंदन की खुशबू, हर घर तक; हरियाली का संदेश, हर मन तक” नोएडा:*सीनियर सिटीजन क्लब, सेक्टर-122,* नोएडा ने सामाजिक, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। सेक्टर को विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जा चुका है। अब एक नई और प्रेरणादायक पहल के रूप में सेक्टर में चंदन के पौधे लगाने का अभियान प्रारंभ कर रहा है। सेक्टर १२२  के  आवासीय कल्याण संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ उमेश शर्मा इस बारे में विस्तृत चर्चा की है  उसका विवरण निम्न है. *चंदन का पेड़ क्यों लगाएँ?* * चंदन भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्रकृति का प्रतीक है। * यह पर्यावरण संरक्षण में सहायक तथा दीर्घकालीन हरित धरोहर है। * इसकी सुगंध, औषधीय एवं सांस्कृतिक महत्ता विश्वभर में प्रसिद्ध है। * आज लगाया गया चंदन का पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य उपहार होगा। *अभियान के कुछ नियम* 1. प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी एक परिवार, स्वयंसेवक या सदस्य को सौंपी जाएगी। 2. पौधों की नियमित सिंचाई और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। 3. प्रत्येक पौधे पर सुरक...

*अरंडी और पीपल: 'कॉकरोच जनता पार्टी' की क्षणिक चमक और स्थायित्व का सच*

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डॉ उमेश शर्मा  सेक्टर 122,नोएडा  एक प्रेरक कथा जो राजनीति, समाज और जीवन के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है। वर्षा ऋतु का आगमन जंगल के लिए एक नया जीवन लेकर आया था। चारों तरफ हरियाली छाई थी और मिट्टी की सौंधी खुशबू हवाओं में घुली हुई थी। इसी माहौल में, जंगल के एक किनारे पर दो पौधे एक साथ अंकुरित हुए—एक था अरंडी का पौधा और दूसरा पीपल का एक छोटा सा अंकुर। मौसम की अनुकूलता पाते ही अरंडी का पौधा बहुत तेज़ी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते, कुछ ही महीनों में वह कई फुट ऊँचा हो गया। उसमें घने पत्ते निकल आए और वह दूर से ही नज़र आने लगा। अपनी इस त्वरित सफलता और अचानक मिली ऊँचाई पर अरंडी को बहुत घमंड हो गया। वह खुद को जंगल का सबसे प्रभावशाली पौधा मानने लगा। इसके विपरीत, पीपल का पौधा शांत था। वह बहुत धीमी गति से बढ़ रहा था, क्योंकि उसकी ऊर्जा ऊपर दिखने वाले तने से ज्यादा ज़मीन के नीचे अपनी जड़ों को मजबूत और गहरा करने में लग रही थी। अरंडी रोज़ पीपल की धीमी गति का मज़ाक उड़ाता। एक दिन उसने अपने विशाल पत्तों को लहराते हुए अहंकार से कहा: "ज़रा मुझे देख! मैं कितनी तेज़ी से ऊपर पहुँच गया हूँ। च...

राजस्थान कल्याण परिषद ने जनसेवा को समर्पित ई-रिक्शा का किया लोकार्पण

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   नोएडा:राजस्थान कल्याण परिषद द्वारा रविवार को अंतिम निवास, सेक्टर-94, नोएडा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा पहल के अंतर्गत जनसेवा को समर्पित ई-रिक्शा का लोकार्पण किया गया। यह ई-रिक्शा अंतिम निवास से संस्कार स्थल तक लकड़ी पहुंचाने के कार्य में उपयोग किया जाएगा, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो सकेगी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में राजस्थान कल्याण परिषद के पदाधिकारियों, शुभचिंतकों एवं समाजसेवियों के साथ नोएडा लोक मंच के महासचिव श्री महेश सक्सेना विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने परिषद की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा का वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए उपयोगी एवं संवेदनशील सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह ई-रिक्शा सेवा मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा समाज के अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। राजस्थान कल्याण परिषद के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद भविष्य में भी समाजहित एवं ज...

'*शीशे के महल और पत्थरबाज़ राजनीति: जब दूसरों पर फेंका पत्थर खुद पर आ गिरे'*

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         डॉ उमेश शर्मा ,सेक्टर 122 ,नोएडा  "*जिसके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते।*" भारतीय राजनीति और परीक्षा प्रणाली के इर्द-गिर्द इन दिनों जो तमाशा और ड्रामा चल रहा है, वह सिर्फ प्रशासनिक खामी या राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं है, बल्कि यह मानव मनोविज्ञान और राजनीतिक रणनीतियों का एक दिलचस्प अध्ययन भी है। हर बार जब NEET परीक्षा जैसे बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर उंगलियां उठाई जाती हैं, तो राजनीतिक गलियारों में '*दूध का धुला'* साबित होने की होड़ मच जाती है। लेकिन विरोधी पार्टियां शायद यह भूल रही हैं कि जनता अब मूक दर्शक नहीं, बल्कि इस मनोवैज्ञानिक खेल को बखूबी समझ रही है। 1. *राजनीतिक शीशे के घर और पत्थरों की बौछार* जब कोई राजनीतिक दल या नेता किसी व्यवस्था पर हमला बोलता है, तो मनोविज्ञान के अनुसार वह जनता के सामने खुद को बेदाग और नैतिकता का प्रतीक (Moral Superiority) दिखाने की कोशिश करता है। लेकिन समस्या यह है कि भारत में राजनीति का इतिहास उठाकर देखें तो किसी भी पार्टी का घर पूरी तरह से बुलेटप्रूफ या 'शीशे-रहित' नहीं है। अतीत में हुए लीक,...

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं - डॉ डी के गुप्ता

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फेलिक्स हॉस्पिटल के मेगा हेल्थ कैंप में सैकड़ों लोगों ने उठाया निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नोएडा। फेलिक्स हॉस्पिटल की ओर से सेक्टर-86 स्थित बारात घर (इलाबास) में आयोजित निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित आसपास के विभिन्न सेक्टरों एवं गांवों के लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर का आयोजन नोएडा विधायक पंकज सिंह की प्रेरणा से फेलिक्स हॉस्पिटल के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के चेयरमैन डॉ डी के गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं कैंप में पहुंचने वाले लोगों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रही। यहां जनरल फिजिशियन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ तथा दंत रोग विशेषज्ञों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की गई, जिससे लोगों...