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विवाह क्यों नहीं करना चाहते आज के युवा?

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 लेखक ✍️ - डॉ. शैलेश शुक्ला   पिछले एक दशक में भारत में विवाह को लेकर जो आंकड़े आए हैं, वे व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि बड़े प्रामाणिक शोधों पर आधारित हैं। पहला बड़ा शोध YouGov-Mint-CPR मिलेनियल सर्वे है, जिसमें बीस से पैंतीस साल के सात हजार तीन सौ अठानवे युवाओं से बात की गई। इस सर्वे ने बताया कि हर चार में से एक युवा विवाह नहीं करना चाहता, उन्नीस प्रतिशत युवा विवाह और संतान दोनों से इनकार करते हैं, और नौ प्रतिशत विवाह चाहते हैं पर संतान नहीं। आय के साथ सीधा संबंध निकला, दस हजार से कम आय वाले परिवारों में चालीस प्रतिशत युवा विवाह से कतराते हैं, जबकि साठ हजार से अधिक आय में यह आंकड़ा बीस प्रतिशत रह जाता है। दूसरा स्रोत भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की यूथ इन इंडिया रिपोर्ट और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण है। इसके अनुसार कभी विवाह न करने वाले युवा पुरुषों की संख्या दो हजार ग्यारह में बीस दशमलव आठ प्रतिशत थी, जो दो हजार उन्नीस में छब्बीस दशमलव एक प्रतिशत हो गई। महिलाओं में यह आंकड़ा तेरह दशमलव पांच से बढ़कर उन्नीस दशमलव नौ प्रतिशत हो गया। विवाह की औसत आयु दो हजा...

हिंदी का सूर्य कभी अस्त नहीं होता

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  दुनिया की सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली भाषा है हिंदी डॉ. शैलेश शुक्ला भाषा सिर्फ शब्दों का समूह नहीं होती , भाषा एक सभ्यता की आत्मा होती है और जब हम हिंदी की बात करते हैं तो हम सिर्फ एक भाषा की बात नहीं करते , हम एक जीवंत सभ्यता की बात करते हैं जो आज दुनिया के हर कोने में सांस ले रही है। अंग्रेजों को अपने साम्राज्य पर गर्व था कि उनके राज में सूर्य कभी अस्त नहीं होता , क्योंकि दुनिया के किसी न किसी हिस्से में उनका झंडा लहराता रहता था। आज वही गौरव हिंदी को प्राप्त है और वह भी बिना किसी तलवार और बिना किसी साम्राज्य के , सिर्फ प्रेम , फिल्म , संगीत , योग और अब इंटरनेट और एआई के दम पर। हिंदी का सूर्य कभी अस्त नहीं होता , क्योंकि जब भारत में रात के बारह बजते हैं , तो लंदन में शाम होती है और वहाँ कोई माँ अपने बच्चे को हिंदी में सुला रही होती है , जब लंदन में रात होती है तो टोरंटो में दोपहर होती है और वहाँ टैक्सी में हिंदी गाना बज रहा होता है और जब टोरंटो में रात होती है तो फिजी में सुबह होती है और वहाँ के स्कूल में बच्चे हाथ जोड़कर गा रहे होते हैं - इतनी शक्ति हमें देना दाता। यह च...

अन्नदाता की सुरक्षा की गारंटी: नकली बीजों पर नकेल कसने मोदी सरकार लाएगी सख्त कानून, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह करेंगे सीधा संवाद

  भारी जुर्माना और जेल के प्रावधान वाले सख्त 'सीड एक्ट' पर केंद्र की बड़ी पहल, 10 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे कृषि भवन, नई दिल्ली में जुटेंगे उत्तर से दक्षिण तक के किसान प्रतिनिधि नई दिल्ली ;  देश के अन्नदाता को नकली और अमानक बीजों के नुकसान से हमेशा के लिए सुरक्षित करने की दिशा में मोदी सरकार बड़ा कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर किसान के विजन को अमलीजामा पहनाते हुए केंद्र सरकार एक नया और सख्त ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी में है। इस कानून को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीड कानून के मसौदे पर सीधे किसानों के जमीनी अनुभव, सुझाव और पक्ष को शामिल करना है, ताकि बीज माफियाओं के खिलाफ एक अचूक और प्रभावी व्यवस्था खड़ी की जा सके। प्रस्तावित नए 'सीड एक्ट' के तहत नकली, मिलावटी ...

संस्कार अध्ययन केंद्रों में धूम धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

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संवाददाता  नोएडा । शिक्षक दिवस के अवसर पर नोएडा लोक मंच द्वारा संचालित संस्कार अध्ययन केंद्र, सरफाबाद, न्यु कुण्डली तथा संस्कार अध्ययन केंद्र-68, गढ़ी चौखंडी में शिक्षक दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर तीनों केंद्रों की सभी शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के लिए विभिन्न गतिविधियों, मनोरंजक कार्यक्रमों तथा संवाद सत्र का आयोजन किया गया। शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। समारोह में वर्षभर विद्यालय एवं संस्कार अध्ययन केंद्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का चयन कर उन्हें सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। शिक्षकों को उनके समर्पण, मेहनत और बच्चों के प्रति योगदान के लिए सम्मान दिया गया। इस अवसर पर नोएडा लोक मंच के महासचिव महेश सक्सेना ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह बच्चों के जीवन को दिशा देने और उनके भविष्य को संवारने का कार्य करता है। एक शिक्षक का प्रभाव केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि...

महामाया और विश्वभारती स्कूल ने जीती 15वीं इंटर स्कूल क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप,

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 32 स्कूलों के 400 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में लिया भाग नोएडा: राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को नोएडा स्टेडियम में आयोजित 15वीं इंटर स्कूल क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप जीत ली. सोसायटी फॉर स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एडवांसमेंट (SSCA) की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में दिल्ली-एनसीआर के 32 स्कूलों के करीब 400 खिलाड़ियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता के बालक वर्ग में लगातार तीसरे साल विश्वभारती पब्लिक स्कूल के आर्यावृत कश्यप चैंपियन रहे. जबकि बालिका वर्ग में महामाया बालिका  इंटर कॉलेज की मोहिनी चैंपियन बनी. एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने सभी विजेता बच्चों और स्कूलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया. बालक वर्ग की रेस 5 किमी की थी, जिसमें विश्वभारती स्कूल के आर्यावृत कश्यप पहले स्थान पर रहे. गौतम बुद्ध बालक इंटर कॉलेज के आदित्य पाल ने दूसरा और तरबिंदर ने तीसरा स्थान हासिल किया. जबकि बालिका वर्ग की ढाई किमी की रेस में महामाया बालिका इंटर कॉलेज का इकतरफा दबदबा रहा. टॉप-3 स्थानों पर महामाया का कब्जा रहा. स्कूल की खिलाड़ी मोहिनी को गोल्ड, समृद्धि को को सिल्वर और तन्नू को ब्रांज मेडल प्रदान किया ग...

मुकेश के अमर गीतों से सजी यादगार शाम, प्रेम, विरह, स्मृतियों और जीवन के भावनात्मक संसार से जोड़ा श्रोताओं को

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‘शुक्रिया मुकेश-2026’ का 21वाँ संस्करण नोएडा:नवरत्न फाउंडेशन्स का 21वाँ वार्षिक संगीतमय आयोजन ‘शुक्रिया मुकेश-2026’ रविवार को NEA भवन सभागार, सेक्टर-6, नोएडा में अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मुकेश जी के सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को प्रेम, विरह, स्मृतियों और जीवन के भावनात्मक संसार से जोड़ दिया। कार्यक्रम में दिल्ली-NCR के अनेक प्रतिष्ठित गायकों ने मुकेश जी के कालजयी गीत प्रस्तुत कर उन्हें संगीतमयी श्रद्धांजलि अर्पित की। ZEE TV सा रे गा मा पा के लिटिल चैम्प एवं ‘द राइजिंग स्टार’ के प्रसिद्ध गायक दिवाकर शर्मा की विशेष प्रस्तुतियों ने समारोह को विशिष्ट ऊंचाई प्रदान की। उनके साथ डॉ. अशोक श्रीवास्तव, संजय पांडेय, सोमेश्वर शर्मा, पंकज माथुर, कपिल तिवारी, विनय सेठिया सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में ‘जाने कहाँ गए वो दिन’, ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’, ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘मैं न भूलूंगा’, ‘मेरा जूता है जापानी’, ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में’ सहित अनेक लोकप्रिय गीतों ने मुकेश जी की स्वर्णिम संगीत विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ...

मोबाइल फोन : साल, दो साल का साथी, फिर बनता बहुआयामी बर्बादी

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-डॉ. शैलेश शुक्ला आज से दस साल पहले फोन का मतलब सिर्फ कॉल और संदेश था ,  पर आज सुबह के अलार्म से लेकर रात तक हमारी पूरी जिंदगी इसी छोटे से डिब्बे में बंद है। उसी में हमारा बैंक है ,  बच्चों की पढ़ाई है ,  दुकान का हिसाब है ,  जमीन के कागज हैं और परिवार की यादें भी हैं। पर कभी सोचा है कि जिस चीज पर इतनी बड़ी जिंदगी टिकी है ,  उसकी उम्र कौन तय करता है ?  हम या उसे बनाने वाली कंपनी ?  अगर आप ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि उसकी उम्र हम नहीं ,  कंपनी तय करती है।  आप तीस-चालीस हजार का फोन लाते हैं ,  पहले साल वह मक्खन जैसा चलता है ,  दूसरे साल भी ठीक रहता है ,  पर दूसरे साल के आखिर में ही संकेत मिलने लगते हैं। कंपनी कहती है अब इस मॉडल को बड़ा अपडेट नहीं मिलेगा ,  फिर कुछ महीनों बाद सुरक्षा अपडेट भी बंद हो जाते हैं। फोन गर्म होने लगता है ,  बैटरी जल्दी खत्म होती है ,  बैंक का ऐप कहता है आपका सिस्टम पुराना और असुरक्षित है। नया कैमरा फीचर आपके फोन में आता ही नहीं। मन में डर बैठ जाता है कि फोन बेकार हो गया और आप मजबूरी में ...