हर पीड़ित की सहायता करना हमारा कर्तव्य है और हर अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना हमारा दायित्व - डॉ कुसुम पथरिया
बल्लारी (कर्नाटक) : राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ कुसुम पथरिया ने परिषद की चौथी वर्षगांठ को संबोधित करते कहा कि आज उन्हें इस मंच पर खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो हम केवल एक संस्था का चौथा वर्ष नहीं मना रहे हैं, बल्कि उस विचार का उत्सव मना रहे हैं जो हर सभ्य समाज की आत्मा होता है,मानव अधिकारों का विचार। संस्थाएँ केवल भवनों से नहीं बनतीं, न ही केवल पदों से बनती हैं। संस्थाएँ बनती हैं सेवा, संवेदना और न्याय के प्रति समर्पण से। यदि हमारे हृदय में यह भावना जीवित रहे कि हर पीड़ित की सहायता करना हमारा कर्तव्य है और हर अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना हमारा दायित्व है, तो यह संस्था केवल एक संगठन नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब जन्म लेता है, तब वह किसी पद, किसी धन या किसी प्रतिष्ठा के साथ नहीं आता। वह केवल अपने साथ एक अमूल्य अधिकार लेकर आता है सम्मान के साथ जीने का अधिकार। परन्तु दुख की बात यह है कि समाज में हर किसी को यह अधिकार सहज रूप से नहीं मिलता। किसी गाँव की पगडंडी पर चलिए, किसी मज़दूर बस्ती में जाइए, किसी ऐसी स्त्री की आँखों में झाँकिए जिसकी आवाज़ कभी सुनी ...