कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा उपकरणों की मदद से मरीजों का हो सकेगा सटीक उपचार ; केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
एस एन वर्मा नई दिल्ली। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन और परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से विकसित उपकरण अब चिकित्सा जांच में व्यक्तिगत अनुमान या जांच परिणामों में अंतर को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे मरीजों को अधिक सटीक और स्पष्ट उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। मेडलुमिना 2026 इंटरनेशनल मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल कॉन्फ्रेंस में उद्घाटन भाषण देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई पैथोलॉजिस्ट नंगी आँखों से कैंसर मरीज़ की बायोप्सी स्लाइड की जाँच कर रहा होता है, तो वह अनजाने में प्रभावित सेल्स के एक छोटे लेकिन ज़रूरी क्लस्टर को परखने से चूक सकता है, वहीं एक ए आई -इनेबल्ड सिस्टम उसे सीधे और सही जगह तक गाइड कर सकता है, जिससे मानवीय त्रुटियों को कम से कम किया जा सकता है। इसी तरह, क्लिनिकल जाँच में, मरीज़ के पूरे डेटा का विश्लेषण करने वाले ए आई टूल्स उन परिणामों को चिन्हित कर सकते हैं ज...