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विधानमंडल लोकतंत्र की ‘पाठशाला’ हैं, जहाँ जनप्रतिनिधि संवाद, सहमति और सेवा के मूल्यों का संस्कार प्राप्त करते हैं ; ओम बिरला

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  जयपुर  : लोक सभा अध्यक्ष   ओम बिरला ने आज कहा कि विधानमंडल केवल कानून बनाने वाले संस्थान नहीं हैं , बल्कि वे लोकतंत्र की ऐसी ‘ पाठशालाएँ ’ हैं जहाँ जनप्रतिनिधि संवाद , अनुशासन , सहमति और सेवा के मूल्यों का संस्कार प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति अपने दायित्वों का पूर्णतः बोध होना चाहिए , क्योंकि लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से नहीं , बल्कि जनविश्वास , संवाद , गरिमा और सेवा - भावना से सुदृढ़ होता है। श्री बिरला राजस्थान विधान सभा के 75 वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘ विधान गौरव यात्रा : भूतपूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का सम्मेलन ’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राजस्थान विधान सभा को अपने सार्वजनिक जीवन की “ प्रथम पाठशाला ” बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि इसी सदन में अर्जित लोकतांत्रिक मूल्य , संसदीय परंपराएँ और विधायी आचरण ने उन्हें छात्र नेता से विधायक , सांसद और अंतत...

सदनों में व्यवधान लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, जनविश्वास बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी: लोक सभा अध्यक्ष

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  नई दिल्ली / चंडीगढ़ : कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन ( CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन - II ( नॉर्थ ज़ोन ) का द्वितीय सम्मेलन , जिसका उद्घाटन कल लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला द्वारा किया गया था , आज हरियाणा के राज्यपाल प्रो . असीम कुमार घोष के समापन संबोधन के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष    ने कहा कि सदनों का बार - बार बाधित होना और व्यवधान उत्पन्न होना लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समस्या का समाधान विधायी संस्थाओं के भीतर जनअपेक्षाओं के अनुरूप आचरण , संवाद और सार्थक चर्चा को बढ़ावा देने में निहित है। जनता का विश्वास मजबूत करना आज सभी जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि विधायी संस्थानों में उनका आचरण अनुकरणीय होना चाहिए , ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। श्री बिरला ने कहा , " जैसा नेतृत्व ...