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इसरो के अध्यक्ष ने दी चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग की स्थिति और तैयारी के बारे में जानकारी

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  एस एन वर्मा   नई दिल्ली ; इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. एस सोमनाथ ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिक (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से आज मुलाकात की और उन्हें 23 अगस्त 2023 की शाम में चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग की स्थिति और तैयारी के बारे में अवगत कराया।  इसरो के अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को चंद्रयान-3 की स्थिति के बारे में जानकारी दी और कहा कि सभी प्रणालियां पूरी तरह से काम कर रही हैं और बुधवार को किसी आकस्मिक संकट की आशंका नहीं है। अगले दो दिनों में चंद्रयान-3 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि लैंडिंग का अंतिम क्रम दो दिन पहले लोड किया जाएगा और उसका परीक्षण किया जाएगा। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बार चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग पर भरोसा व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ग्रहों की खोज का एक नया इतिहास रचे...

नया सेंसर बताएगा कितने पके हैं फल

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नई दिल्ली : फल-उत्पादकों के लिए पेड़ पर लगे फलों के पकने की अवस्था का समय पर आकलन महत्वपूर्ण होता है। फलों की छंटाई और उनके पकने का पता लगाने के लिए उपयोग होने वाले माइक्रोसेंसर रासायनिक विश्लेषण एवं इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसिंग पर आधारित हैं, जिनकी अपनी सीमाएं हैं। एक ताजा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने फल कितने पके हैं यह पता लगाने के लिए एक नया सेंसर विकसित किया है, जो सस्ता होने के साथ-साथ अत्यधिक संवेदी और स्पर्शनीय दाब (Tactile pressure) जैसे गुणों से लैस है।  लिथोग्राफी-मुक्त इस नये सेंसर में नैनो-नीडल संरचना युक्त पॉलीडिमिथाइलसिलोक्सेन (पीडीएमएस) परत का उपयोग किया गया है, जो इसे लचीला और बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए उपयुक्त बनाता है। शोधकर्ताओं ने इस कैपेसिटिव टैक्टाइल सेंसर के संवेदी स्तर और हिस्टीरिक्स प्रतिक्रिया की विशेषता बतायी है, और इसकी बदलती प्रतिक्रिया का परीक्षण किया है। उन्होंने लोचदार मापांक और धारिता की माप के आधार पर अलग-अलग किस्म के टमाटरों की परिपक्वता का सफलतापूर्वक आकलन किया है। यह अध्ययन आईआईटी जोधपुर, आईआईटी दिल्ली तथा सीएसआईआर-सीईईआरआई, पिलानी के शोधकर्ताओं के शो...

महिला शोधकर्ताओं के समर्थन के लिए ‘वाईजर’

  नई दिल्ली (इंडिया साइंस वायर) : विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारीबढ़ाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग , भारत सरकार और संघीय शिक्षा और अनुसंधान मंत्रालय , जर्मनी सरकार द्वारा भारत-जर्मन विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र (आईजीएसटीसी ) स्थापित किया गया है। आईजीएसटीसी के वीमेन इन्वोलवेमेंट इन   साइंस ऐंड इंजीनियरिंग रिसर्च (WISER) कार्यक्रम के पहले 11 पुरस्कार विजेताओं को हाल में नई दिल्ली में सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर भारत और भूटान में जर्मनी के राजदूत एच.ई. डॉ फिलिप एकरमैन एवं   जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित उपस्थित थे। वाईजर कार्यक्रम विज्ञान , प्रौद्योगिकी , नवाचार और अनुसंधान साझेदारी के अंतर्गत पारस्परिक विशेषज्ञता का उपयोग करके भारत एवं जर्मनी में महिला शोधकर्ताओं की वैज्ञानिक क्षमता के विकास और उनके शोध कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। वाईजर- 2022 कार्यक्रम के अंतर्गत अकादमिक ,  शोध संस्थानों अथवा उद्योगों में नियमित या फिर दीर्घकालिक अनुसंधान पदों ...