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ग्रीन हाइड्रोजन प्राप्त करने के लिए नया उत्प्रेरक

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नई दिल्ली : दुनिया जैसे-जैसे जीवाश्म ईंधन के विकल्प खोजने की ओर बढ़ रही है, हाइड्रोजन गैस स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का सबसे अच्छा स्रोत बनकर उभरी है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने एक उत्प्रेरक विकसित किया है, जो कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादन किये बिना वुड अल्कोहल से हाइड्रोजन गैस उत्पन्न कर सकता है। हाइड्रोजन उत्पादन या तो पानी के विद्युत रासायनिक विभाजन से होता है या अल्कोहल जैसे जैव-व्युत्पन्न रसायनों से इसका उत्पादन होता है। नई विधि में, मेथनॉल-रिफॉर्मिंग नामक प्रक्रिया में उत्प्रेरक का उपयोग करके मिथाइल अल्कोहल (वुड अल्कोहल) से हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाता है।  वुड अल्कोहल से हाइड्रोजन उत्पादन में दो समस्याएं थीं। पहली समस्या यह थी कि इस प्रक्रिया में 300 डिग्री सेल्सियस तक उच्च तापमान और उच्च दबाव शामिल रहते हैं। दूसरे, इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का सह-उत्पादन होता है, जो एक ग्रीनहाउस गैस है। हालाँकि, शोधकर्ताओं की टीम ने इसका हल खोज लिया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित है। यह विधि फ...

लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’

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    नई दिल्ली:भारत सरकार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) लद्दाख में देश का पहला ‘ नाइट स्काई सैंक्चुअरी ’ स्थापित कर रहा है। चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के हिस्से के रूप में लद्दाख के हनले में प्रस्तावित इस ‘ डार्क स्काई रिजर्व ’ की स्थापना का कार्य आगामीतीनमहीने में पूरा कर लिया जाएगा। यह दूरबीन द्वारा आकाश के तारों को निहारने से जुड़े खगोल - पर्यटन को बढ़ावा देगा और ऑप्टिकल , इन्फ्रा-रेड और गामा-रे टेलीस्कोप से लैस दुनिया के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक होगा। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी , पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार) , प्रधानमंत्री कार्यालय , कार्मिक , लोक शिकायत , पेंशन , परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी हाल मेंलद्दाख के उपराज्यपाल आर.के. माथुर के साथ मुलाकात करने के बाद दी है। डॉ   सिंह ने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासन , लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद ( एलएएचडीसी ) , लेह ; और भारतीय भौतिकी संस्थान ( आईआईए ) के बीच ‘ डार्क स्पेस रिजर्व ’ की स्थापना के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर ...

भारत की तटीय स्वच्छता का महा-अभियान शुरू

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नई दिल्ली (इंडिया साइंस वायर): पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा 75 दिनों तक चलने वाला अब तक का सबसे व्यापक समुद्र तटीय स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है। 03 जुलाई को शुरू हुए ‘स्वच्छ सागर - सुरक्षित सागर’ नामक इस अभियान का औपचारिक समापन 17 सितंबर, 2022 को ‘अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस’ के अवसर पर होगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा हाल में जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी प्रदान की गई है।  स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में भारत की 7500 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा की सफाई के लिए शुरू किया गया यह महा-अभियान नागरिकों की व्यापक भागीदारी के साथ संचालित किया जा रहा है। ‘अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस’ के अवसर पर आगामी 17 सितंबर को भारत में दुनिया की सबसे बड़ी समुद्र तटीय स्वच्छता गतिविधि देखने को मिलेगी। यह गतिविधि 75 समुद्री तटों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक किलोमीटर पर हजारों स्वैच्छिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। इससे पूर्व, 03 जुलाई से 17 सितंबर के दौरान देश भर में समुद्री स्वच्छता के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभागों ...

जलवायु-अनुकूल इमारतों के डिजाइन करने वाले छात्रों को सोलर डेकैथलॉन इंडिया नेट-जीरो बिल्डिंग चैलेंज’ अवार्ड

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 नई दिल्ली : केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी; राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को वर्ष 2021 के लिए ‘सोलर डेकैथलॉन इंडिया नेट-जीरो बिल्डिंग चैलेंज’ अवार्ड प्रदान किया। ‘सोलर डेकैथलॉन इंडिया’ इमारतों एवं निर्माण क्षेत्र के लिए अभिनव, नेट-ज़ीरो ऊर्जा और जलवायु-अनुकूल समाधान विकसित करके जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए भारतीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक वार्षिक प्रतियोगिता है। उल्लेखनीय है कि इमारतों एवं निर्माण क्षेत्र का वैश्विक कार्बनडाईऑक्साइड उत्सर्जन में 38 प्रतिशत योगदान होने का अनुमान है।  इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र टीमों को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए अभिनव एवं किफायती भवन समाधान विकसित करने में सक्षम बनाना है। इस पहल के अंतर्गत प्रतिभागियों को उद्योगों के साथ साझेदारी करके वास्तविक निर्माण परियोजनाओं के लिए लचीले, नेट-ज़ीरो-ऊर्जा एवं नेट-ज़ीरो-वाटर भवनों को डिजाइन करना होता ह...

“जलवायु संबंधी मुद्दों के समाधान में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है भारत”

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नई दिल्ली(इंडिया साइंस वायर): केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी; राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जलवायु संबंधी मुद्दों के समाधान में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित भारत के प्रमुख और दुनिया के सबसे उन्नत संस्थानों में से एक "नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट" (राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र) के दौरे के दौरान डॉ जितेंद्र सिंह ने यह बात कही है।  डॉ जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र परिसर का भ्रमण किया, और संस्थान की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। केंद्र के प्रमुख डॉ आशीष के. मित्रा ने केंद्रीय मंत्री को संस्थान में स्थापित सुविधाओं, कामकाज और विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। इस दौरान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ अधि...

जुलाई से शुरू होगा समुद्री तटों से कचरा हटाने का महा-अभियान

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नई दिल्ली (इंडिया साइंस वायर): पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा अब तक का सबसे लंबा समुद्र तटीय स्वच्छता अभियान आगामी 03 जुलाई को शुरू होने जा रहा है। 75 दिन तक चलने वाला यह अब तक का सबसे लंबा तटीय स्वच्छता अभियान है, जिसका औपचारिक समापन 17 सितंबर, 2022 को आगामी ‘अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस’ के अवसर पर होगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा हाल में जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी प्रदान की गई है।  तटीय स्वच्छता अभियान का लक्ष्य समुद्री तटों से 1,500 टन कचरे को हटाना है। यह समुद्री जीवों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी। यह अभियान 03 जुलाई, 2022 को विवरणिका (ब्रोशर) के विमोचन और पत्रकारों के साथ बातचीत से शुरू होगा। पूरे देश, विशेष रूप से तटीय राज्यों में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी। अनेक चर्चित हस्तियां इस अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगी। विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, एवं शोध संस्थानों के छात्रों/शोधार्थियों समेत अन्य विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के प्रतिभागी और आम लोग भी इस अभियान में शामिल हो...

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र बनी ग्रामीण प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

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नई दिल्ली(इंडिया साइंस वायर): गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण आत्मनिर्भरता एवं आजीविका बढ़ावा देने में मददगार प्रौद्योगिकी एवं नवाचारों पर केंद्रित जम्मू के सांबा जिले के पल्ली में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी मंगलवार को समाप्त हो गई। इस प्रदर्शनी में ग्रामीण आजीविका एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तकनीकी नवाचारों ने लोगों को सबसे अधिक आकर्षित किया। इनमें जम्मू की ‘बैंगनी क्रांति’ का पर्याय बनी लैवेंडर की खेती; सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन; सीएसआईआर-अरोमा मिशन, हींग, केसर, दालचीनी जैसे बहुमूल्य उत्पादों की खेती से जुड़ी प्रौद्योगिकी, एकीकृत कीट प्रबंधन, बाँस अपशिष्ट से चारकोल बनाने की तकनीक, और कृषि उत्पादों को बेचने में मददगार किसान सभा ऐप प्रमुखता से शामिल हैं।  इस प्रदर्शनी में एक तरफ ‘अरोमा मिशन’ के अंतर्गत सीएसआईआर-सीमैप द्वारा ‘बैंगनी क्रांति’ को प्रदर्शित किया गया, तो फ्लोरीकल्चर मिशन से जुड़े आयाम सीएसआईआर-एनबीआरआई के वैज्ञानिकों द्वारा प्रदर्शित किये गए। इसी तरह, हींग, केसर, दालचीनी जैसे उच्च मूल्य वाले औषधीय पौधों के उत्पादन एवं...