आचार्य श्रीराम का प्रेरणादायी संकल्प, “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” देश और दुनिया के लोगों के लिए एक मूल मंत्र ; लोक सभा अध्यक्ष
नई दिल्ली : लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज शताब्दी समारोह 2026 के अवसर पर आध्यात्मिक विभूतियों आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना के जागरण, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि यह शताब्दी समारोह केवल अतीत को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि एक ऐसी सृजनात्मक क्रांति का उत्सव है, जिसने देशभर में असंख्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
नई दिल्ली में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य श्रीराम शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि आचार्य ने अखंड ज्योति के माध्यम से देशभर में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाया और व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण के आदर्शों से लोगों को प्रेरित किया। उनका प्रेरणादायी संकल्प, “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” देश और दुनिया के लोगों के लिए एक मूल मंत्र बन गया। गायत्री मंत्र और यज्ञ के माध्यम से आचार्य ने लोगों को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ा तथा अंतर्मन की शुद्धता और आत्मिक जागरण का मार्ग प्रशस्त किया।
माता भगवती देवी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने उनके मातृत्व, करुणा, तप, तपस्या, समर्पण और सेवा से परिपूर्ण असाधारण जीवन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि माता का योगदान केवल आध्यात्मिक जागरण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तीकरण के एक महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व किया। यह वह समय था, जब देशभर की महिलाएं अनेक सामाजिक चुनौतियों और कुरीतियों का सामना कर रही थीं। श्री बिरला ने कहा कि माता ने महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने, आत्मविश्वास विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं इस बात का प्रमाण हैं कि परिवार में महिला के व्यक्तित्व का विकास पूरे परिवार और समाज की प्रगति का आधार बनता है। उनके मातृत्व और वात्सल्यपूर्ण मार्गदर्शन ने असंख्य महिलाओं के जीवन को परिवर्तित किया तथा उनके सामाजिक एवं आध्यात्मिक सशक्तीकरण को नई गति प्रदान की। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तीकरण की यह दृष्टि आज देश में संचालित विभिन्न पहलों में भी परिलक्षित होती है। आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कारों पर आधारित वातावरण सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, परिवारों को सुदृढ़ बनाने और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्री बिरला ने भारतीय आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक ज्ञान और मूल्यपरक दर्शन को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए गायत्री परिवार के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन विभिन्न देशों में अपने कार्यों के माध्यम से समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने आध्यात्मिकता, संस्कृति और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
आचार्य द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा के प्रारंभिक चरण से ही वहां आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण पर दिया जाने वाला बल सराहनीय है। उन्होंने मूल्यपरक शिक्षा, नारी जागरण एवं सशक्तीकरण तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. चिन्मय पांड्या की भी सराहना की, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को विश्वभर में पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम परिवर्तनों से भी परिचित करा रहे हैं।
गायत्री परिवार के निरंतर योगदान पर विश्वास व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी द्वारा प्रज्वलित आध्यात्मिक ऊर्जा और चेतना इसी प्रकार जन-जीवन को आलोकित करती रहेगी तथा एक समरस, जागरूक और विकसित समाज की नींव को सुदृढ़ करती रहेगी।

