गौ-कृषि-वाणिज्यम् के बिना 2047 के विकसित भारत की कल्पना असंभव: मोहिनी मोहन मिश्र
देश के कोने-कोने से दिल्ली पहुंचीं हजारों महिला किसान कार्यकर्ता
नई दिल्ली ; भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महिला किसान कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन आज दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा गौ-पूजन, भगवान बलराम पूजन एवं ध्वजारोहण के उपरांत ‘‘हम भारत की नारियां वैभव लायेंगी’’ के बुलंद उद्घोष के साथ किया गया। सम्मेलन में देशभर के सभी प्रांतों एवं गांवों से हजारों की संख्या में मातृशक्ति किसानों ने भाग लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी, राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह-संपर्क प्रमुख सुश्री रितु शर्मा सहित भारतीय किसान संघ के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सम्मेलन में देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों में से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया:
गौ-कृषि-वाणिज्यम्: श्रीमती सुनंदा सायसिंग (महाराष्ट्र)
जैविक कृषि: श्रीमती दीपाली ओरांव (पश्चिम बंगाल)
बीज संरक्षण: श्रीमती कमला बेन (गुजरात)
पशुपालन: श्रीमती अंबा कालिंधी एवं श्रीमती पंपा गराई (पश्चिम बंगाल)
रोजगार सृजन: श्रीमती पुष्पा सिंह (बिहार)
खाद्य प्रसंस्करण: श्रीमती माया सिन्हा महापात्रा (ओडिशा), श्रीमती सुलता चटर्जी एवं श्रीमती शुक्ला बैरागी (पश्चिम बंगाल)
सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आई महिला किसान अपनी-अपनी प्रांतीय पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी नजर आईं। महिलाओं ने अपनी-अपनी भाषाओं में लोकगीत गाए एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और 'विविधता में एकता' का मनमोहक दृश्य जीवंत कर दिया।
सम्मेलन की विशेष बात यह रही कि इसमें शामिल होने आई महिला किसान किसी सहायता के बजाय अपने स्वयं के टिकट और खर्च पर दिल्ली पहुंचीं। विभिन्न सत्रों के दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की और सरकार से इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया।