विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन




नोएडा लोकमंच द्वारा संचालित संस्कार अध्ययन केन्द्र सर्फाबाद, सेक्टर-73 में शुक्रवार को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन द्वारा एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बच्चों ने समावेशिता का उत्सव मनाते हुए ऑटिज़्म के लक्षणों तथा अपने साथियों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और ख़राब पोस्चर के दुष्प्रभावों पर भी विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आँखों पर दबाव, गर्दन व कंधों में दर्द, एकाग्रता में कमी तथा सीखने की गति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, साथ ही यह न्यूरो-विकास से जुड़ी चुनौतियों को भी बढ़ा सकता है।

फाउंडेशन के डॉक्टर, डॉ. महिपाल सिंह एवं डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने बताया कि ऑटिज़्म हर बच्चे में नहीं होता, लेकिन वर्तमान जीवनशैली—जैसे कामकाजी अभिभावक और सीमित सामाजिक संपर्क—कुछ बच्चों में इसके समान लक्षण (ओवरलैपिंग) दिखा सकते हैं।

इस अवसर पर फाउंडेशन की ओर से सेंटर के बच्चों द्वारा तैयार इन-हाउस पत्रिका, हैंडवॉश एवं ग्लास क्लीनर शिक्षकों और बच्चों को भेंट किए गए। साथ ही शिक्षकों को कक्षा स्तर पर बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए।

कार्यक्रम में फाउंडेशन की टीम से मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, कृष्णा यादव (एडमिन हेड), इलिका रावत (स्पेशल एजुकेटर), अभिनव प्रताप सिंह (फिज़ियोथेरेपिस्ट), नैतिक ओझा एवं रजत शर्मा उपस्थित रहे।

साथ ही संस्कार अध्ययन केन्द्र सर्फाबाद, सेक्टर-73 की प्राधानाचार्य श्रीमती पुष्पा सिंह, कोषाध्यक्ष मुक्ता गुप्ता तथा विशेष उपस्थिति में रेनू छिब्बर एवं अन्य अध्यापिकाएं भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।

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