खल रहा है सांसद और विधायक की निष्क्रियता नोएडा निवासियों को
नोएडा, उत्तर प्रदेश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं आवासीय शहर है। राजधानी दिल्ली से सटे होने के कारण यह शहर उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सूची में सदैव रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए विगत वर्षों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्रों का अभूतपूर्व दौरा किया है।परंतु, यह अत्यंत खेदजनक है कि स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा एवं विधायक श्री पंकज सिंह नोएडा के विकास में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। नागरिकों द्वारा बार-बार संपर्क करने, ज्ञापन देने व समस्याएँ उठाने के बावजूद ठोस कार्यवाही नहीं हो रही है।
यह कहना है नोएडा के विभिन्न सेक्टरों के निवासियों का. आवासीय कल्याण संगठन सेक्टर 122 के अध्यक्ष डॉ उमेश शर्मा ने नोएडा की प्रमुख समस्याओं के हल न होने के कारण जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता बताया है. उनके अनुसार सांसद और विधायक को बार-बार अवगत कराने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा. जन प्रतिनिधियों का क्षेत्रीय दौरों की संख्या अत्यंत सीमित है।नागरिकों की शिकायतें केवल “कागज़ों में” दर्ज हो रही हैं, ज़मीनी कार्य न के बराबर।
उन्होंने बताया कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ द्वारा सभी अधिकारों का केंद्रीकरण कर दिया गया है।सेक्टर स्तर पर किसी भी अधिकारी को निर्णय लेने का अधिकार नहीं। जनभागीदारी और विकेन्द्रण की पूर्णतः कमी है.
डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि विकास बजट का अपव्यवस्थापन के कारण वर्ष 2024-25 में विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट का केवल 30% ही खर्च हो पाया है।योजनाओं की स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और कार्यारंभ में अत्यधिक देरी हो रही है.
सेक्टर स्तर की समस्याएं को लेकर लोगों में भारी रोष है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय सक्रिय होते हैं।नागरिक महसूस करते हैं कि उनकी समस्याएं न तो सांसद और न ही विधायक के एजेंडे में हैं। नोएडा जैसा स्मार्ट और समृद्ध शहर नेतृत्व की निष्क्रियता के कारण पिछड़ रहा हैI
सेक्टर वासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है यहां के स्थानीय सांसद एवं विधायक की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।सीईओ को केवल निगरानी की भूमिका में रखा जाए, और सेक्टर अधिकारियों को निर्णय लेने के अधिकार दिए जाएं।प्राधिकरण में डेलिगेशन और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जाए। हर सेक्टर में एक लोकल ग्रीवांस कमेटी का गठन किया जाए जिसमें आर डब्ल्यू एसोसिएशन की भागीदारी हो। विकास बजट के उपयोग की सार्वजनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की जाए।
निवासियों के अनुसार नोएडा का विकास केवल मुख्यमंत्री की पहल से नहीं, बल्कि सांसद, विधायक, प्राधिकरण, और नागरिकों की साझेदारी से संभव है। वर्तमान परिस्थिति में सांसद और विधायक की निष्क्रियता और प्राधिकरण की केंद्रीकृत व्यवस्था विकास में सबसे बड़ी बाधा बन गई है।

