किसानों से जुड़े संवेदनशील उत्पाद व जीएम फसलों के उत्पादों की अनुमति पर स्थिति स्पष्ट करे सरकार- भारतीय किसान संघ


 


नई दिल्ली । देश में किसानों के सबसे बड़े संगठन भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर अपना वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका के बीच जो व्यापार समझौता हुआ है, उस पर सरकार की ओर से देश के वाणिज्य मंत्री ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गेहूं, चावल जैसा अनाज, दूध एवं डेयरी उत्पाद, फल सब्जी और मसालें ये सभी व्यापार समझौते से बाहर रखे गये है। इसके लिए भारत सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद ।

श्री मिश्र ने आगे कहा कि इसमें एक जो शब्द प्रयोग में आ रहा है, जिसमें कहा गया है कि किसानों से जुड़े संवेदनशील उत्पाद। इस बारे में सरकार को और भी स्पष्टता के साथ पक्ष रखना चाहिए। विशेषकर अमेरिका के जो जी.एम. उत्पाद है,
जिन्हें वहां आमतौर पर जानवरों के खाद्य के लिए प्रयोग किया जाता है, ऐसे उत्पाद किसी भी स्थिति में, किसी भी नाम और शर्त पर देश में नहीं आना चाहिए यह भारतीय किसान संघ की स्पष्ट मांग है। श्री मिश्र ने बताया कि अभी भी हमारे देश में खाद्यान फसलों में जी.एम. को अनुमति नहीं मिली है, शोध हो रहा है, जांच पड़ताल चल रही है। मनुष्य और जीवजगत के स्वास्थ्य के ऊपर इनके नकारात्मक प्रभाव की जानकारी एकत्र हो रही है और ये असफल फसल जैसा साबित हो रहा है। इसलिए देश में इसका विरोध भी हो रहा है। व्यापार से आगे भारत की जनता का स्वास्थ्य, भारत की जैव विविधता, भारत में शोध का स्त्रोत इन सभी को सुरक्षित रखना है तो जी.एम. फसलों को रोकना पडेगा, ऐसा अभी तक के जी.एम. फसलों की स्थिति के आधार पर निश्चित किया जा सकता है।
            भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने जी. एम. फसलों के बारे में किसान संघ के रूख को स्पष्ट किया और कहा कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर इन विषयों पर सरकार की पूर्ण स्पष्टता के पश्चात किसान संघ अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा।

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