किसानों के लिए बड़ी राहत: खरीफ सीजन से पहले देश में उर्वरकों का बंपर स्टॉक, कीमतों में कोई बदलाव नहीं
एस एन वर्मा
नई दिल्ली: देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकताओं की निरंतर पूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति लगातार जरूरत से अधिक है।
खरीफ 2026 के लिए मजबूत तैयारी
कृषि और किसान कल्याण विभाग (DA&FW) ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की कुल आवश्यकता का आकलन 390.54 लाख मीट्रिक टन (LMT) किया है। इसके मुकाबले, आज की स्थिति में देश में लगभग 190 LMT (49%) का स्टॉक उपलब्ध है, जो आमतौर पर रहने वाले 33% के स्तर से काफी अधिक है। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित अंतर मंत्रालयी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उर्वरक बिभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने दी ।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम स्टॉकिंग और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह चालू खरीफ सीजन के लिए एक मजबूत शुरुआती स्थिति का संकेत देता है।
*पिछले साल के मुकाबले उर्वरक स्टॉक की वर्तमान स्थिति*
अगर हम आज के उर्वरक स्टॉक की तुलना पिछले साल से करें, तो स्थिति काफी बेहतर नजर आती है। वर्तमान में यूरिया का स्टॉक 71.58 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले साल इसी समय 70.67 लाख मीट्रिक टन था। इसी तरह डीएपी का स्टॉक 15.07 से बढ़कर 22.35 लाख मीट्रिक टन और एनपीके का स्टॉक 44.49 से बढ़कर 57.56 लाख मीट्रिक टन हो गया है। एसएसपी का स्टॉक पिछले साल के लगभग समान ही 26.26 लाख मीट्रिक टन (पिछले साल 26.14) है, जबकि एमओपी का स्टॉक 12.87 से हल्का सा घटकर 12.46 लाख मीट्रिक टन रह गया है। कुल मिलाकर देश में अभी 190.21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक मौजूद है, जो पिछले साल के 169.24 लाख मीट्रिक टन से काफी ज्यादा है।
*आपूर्ति और आवश्यकता (1 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक)*
उर्वरक विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्यों में आपूर्ति की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है और 1 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 की अवधि के लिए उपलब्धता आवश्यकता से काफी अधिक है। यूरिया की 20.54 LMT आवश्यकता के मुकाबले 71.40 LMT उपलब्ध है। डीएपी की 6.67 LMT आवश्यकता के मुकाबले 23.09 LMT और एमओपी की 1.96 LMT आवश्यकता के मुकाबले 8.38 LMT उपलब्धता है। इसी तरह एनपीके की 8.43 LMT आवश्यकता के सामने 53.40 LMT और एसएसपी की 3.73 LMT आवश्यकता के सामने 25.78 LMT उपलब्धता है।
*कीमतों में कोई वृद्धि नहीं, किसानों को राहत*
अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा "भारत सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।" प्रमुख उर्वरकों की एमआरपी (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। किसानों को महंगाई से बचाने के लिए युद्ध से पहले और युद्ध के बाद, दोनों ही परिस्थितियों में उर्वरकों के दाम स्थिर रखे गए हैं। यूरिया 266.5 रुपये प्रति बैग, डीएपी 1350 रुपये प्रति बैग और टीएसपी 1300 रुपये प्रति बैग की पुरानी दरों पर ही मिल रहा है।
वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमतें ₹4,000 प्रति बैग को पार कर गई हैं, इसके बावजूद सरकार किसानों को ₹266.5 प्रति 45 किलोग्राम बैग की अत्यधिक रियायती दर पर यूरिया प्रदान कर रही है। यह वैश्विक मूल्य अस्थिरता से किसानों को बचाने और उर्वरकों को किफायती बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। सरकार का संकल्प है कि हर किसान को किफायती दर पर उर्वरक प्राप्त हो।
*घरेलू उत्पादन और आयात की स्थिति*
भारत सरकार के प्रयासों से घरेलू उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। युद्ध के संकट के बाद से देश में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन और आयात भी मजबूत रहा है। देश में 35.42 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हुआ, जबकि 9.4 लाख मीट्रिक टन भारतीय बंदरगाहों पर आयात के जरिए पहुँचा। डीएपी का उत्पादन 4.50 और आयात 0.76 लाख मीट्रिक टन रहा। इसी तरह एनपीके का 12.08 लाख मीट्रिक टन उत्पादन और 1.95 लाख मीट्रिक टन आयात हुआ। एसएसपी का केवल घरेलू उत्पादन (7.01 लाख मीट्रिक टन) हुआ, इसका आयात नहीं किया गया, जबकि एमओपी का कोई घरेलू उत्पादन नहीं हुआ और 1.85 लाख मीट्रिक टन एमओपी आयात किया गया। कुल मिलाकर संकट के बाद 59.01 लाख मीट्रिक टन उर्वरक देश में बना और 13.96 लाख मीट्रिक टन बाहर से मंगाया गया।
*गैस की पर्याप्त उपलब्धता और वैश्विक निविदाएं*
घरेलू यूरिया उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता से संबंधित समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। उर्वरक संयंत्रों को निरंतर आपूर्ति की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त LNG/RLNG की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में उर्वरक संयंत्रों के पास 97% LNG/RLNG उपलब्ध है और अधिकांश यूरिया संयंत्र अपने अनुकूल स्तर पर चल रहे हैं।
भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत ने फरवरी 2026 में 13.07 LMT यूरिया सुरक्षित किया था और अब सरकार ने आयात स्रोतों में विविधता लाते हुए वैश्विक निविदा के माध्यम से 25 LMT यूरिया सुरक्षित कर लिया है। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार 24 अप्रैल 2026 को भारतीय उर्वरक कंपनियों ने 12 LMT डीएपी, 4 LMT टीएसपी और 3 LMT अमोनियम सल्फेट की खरीद के लिए एक वैश्विक निविदा जारी की है। इससे पीक सीजन के दौरान पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
*स्थिति नियंत्रण में*
वर्तमान में यूरिया और P&K उर्वरकों के उत्पादन के लिए इनपुट की उपलब्धता में कोई बड़ी समस्या नहीं है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब तक अधिकार प्राप्त सचिवों के समूह (EGoS) की 6 बैठकें हो चुकी हैं, जिन्होंने उपलब्धता में आने वाली अधिकांश चुनौतियों का समाधान किया है। भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत, स्थिर और अच्छी तरह से प्रबंधित है, जहाँ सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता लगातार आवश्यकता से अधिक बनी हुई है।
