एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2026 के अवसर पर विदेशी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात

 



नई दिल्ली : नई दिल्ली में आयोजित हो रहे एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2026 में भाग लेने के लिए आये 30 से अधिक देशों के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट की। इस अवसर पर बोलते हुए श्री बिरला ने विभिन्न लोकतांत्रिक देशों के जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का ऐतिहासिक संसद भवन में स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और वैश्विक संसदीय संवाद के महत्व को रेखांकित किया।

श्री बिरला ने राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा की सराहना कीजिन्होंने एनएक्सटी 2026 कॉन्क्लेव पहल का नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल नीति-निर्माण संबंधीचर्चाओंनवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रही है। श्री बिरला ने उल्लेख किया कि यह कॉन्क्लेव दुनिया भर के सांसदोंनीति-निर्माताओं और विचार नेताओं को समकालीन वैश्विक चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श के लिए एक साथ लाता है।

भारत की लोकतांत्रिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए श्री बिरला ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत को अक्सर “लोकतंत्र की जननी” कहा जाता हैजो देश में संवादसहमति और सहभागी निर्णय-निर्माण की दीर्घ परंपरा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत की संसद 1.4 अरब नागरिकों की आकांक्षाओं और विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैजहाँ नीतियाँ विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच बहस और संवाद के माध्यम से आकार लेती हैं।

श्री बिरला ने पिछले एक दशक में समावेशी विकासडिजिटल नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में भारत की प्रगति को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी-आधारित शासनप्रत्यक्ष लाभ अंतरण तंत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है।

श्री बिरला ने संसदीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर भारत के फोकस को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसदउन्नत संसदीय अनुसंधान प्रणालियों और आधुनिक सूचना प्लेटफॉर्म जैसी पहलों के माध्यम से इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

संसदीय कूटनीति के महत्व को पुनः रेखांकित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संसद ने हाल ही में दुनिया भर की विधायिकाओं के साथ सहभागिता और सहयोग को मजबूत करने के लिए 60 से अधिक संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया है।

श्री बिरला ने वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए सांसदों के बीच ज्ञानविचारों और अनुभवों के अधिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2026 में होने वाले विचार-विमर्श से लोकतांत्रिक सहयोगआपसी समझ और देशों के बीच साझेदारी और मजबूत होगी।


नई दिल्ली में आयोजित एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2026 में सांसदोंनीति-निर्माताओंउद्योग जगत के नेताओं और वैश्विक विचार नेताओं को एक साथ लाया गया हैजहाँ शासनप्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

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