पूरे देश में 1 से 5 मार्च तक 250 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों का किया गया आयोजन
जनऔषधि सप्ताह के दौरान उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्वास्थ्य जांच शिविर
नई दिल्ली:जनऔषधि सप्ताह 2026 के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रव्यापी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें फूरे देश के नागरिकों की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई। इस जागरूकता अभियान का आयोजन 01 से 05 मार्च 2026 तक, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) द्वारा 07 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले 8वें जनऔषधि दिवस की तैयारियों के उपलक्ष्य में किया गया। “जन औषधि सस्ती भी, भरोसेमंद भी - सेहत की बात, बचत के साथ” थीम के साथ तीसरे दिन स्वास्थ्य जांच शिविरों में साइट पर निदान, मुफ्त परामर्श और जनऔषधि दवाओं का व्यापक वितरण किया गया। इस पहल में सामूहिक रूप से हजारों नागरिकों को शामिल किया गया है, जिसमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों के लिए सेवाओं पर विशेष बल दिया गया, जिससे सुलभ स्वास्थ्य सेवा के प्रति ज्यादा विश्वास उत्पन्न हुआ।

मणिपुर के तामेंग्लॉन में स्वास्थ्य जांच शिविर
इसमें शहरी एवं ग्रामीण समुदायों के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उन्होंने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सेवाओं का लाभ उठाया और वे स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ संवादात्मक सत्रों में भी शामिल हुए। महिलाओं के बीच सुविधा सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण मासिक धर्म स्वच्छता एवं प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के लाभों पर जागरूकता अभियानों के साथ पूरा हुआ।

मध्य प्रदेश के भोपाल में स्वास्थ्य जांच शिविर
अभियान के पांचवें दिन शिविरों का आयोजन अहमदाबाद (गुजरात), जयपुर (राजस्थान), उज्जैन (मध्य प्रदेश), भोपाल (मध्य प्रदेश), बिलासपुर (छत्तीसगढ़), तामेंगलांग, (मणिपुर), जम्मू (जम्मू और कश्मीर), कृष्णागिरी (तमिलनाडु) जैसे प्रमुख स्थानों पर किया गया जो कार्यक्रम की अखिल भारतीय पहुंच को दर्शाता है।

जम्मू के सरवाल सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य जांच शिविर

महाराष्ट्र के पुणे में स्वास्थ्य जांच शिविर
विभिन्न स्थानों के लाभार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया, उन्होंने बताया कि जनऔषधि की दवाओं ने उनके स्वास्थ्य देखभाल लागतों को प्रभावी रूप से कम कर उनकी मदद की है।

लाभार्थी सुनील भादवा, आदर्श नगर, दिल्ली
दिल्ली के आदर्श नगर निवासी और लाभार्थी सुनील भदवा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह पिछले सात वर्षों से जनऔषधि की दवाइयां ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने के बाद उनके लिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया था लेकिन जनऔषधि की दवाइयों ने उनके चिकित्सा खर्चों को बहुत हद तक कम करने में मदद की।

लाभार्थी अब्दुल रईस, जामिया नगर, दिल्ली
दिल्ली के जामिया नगर निवासी और लाभार्थी अब्दुल रईस ने इस योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाजारों में बिकने वाली दवाइयां महंगी होती हैं जबकि जनऔषधि केंद्रों पर वही दवाइयां बहुत कम दामों पर उपलब्ध हैं। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए इसकी सुविधा की प्रशंसा की क्योंकि कई केंद्र आवासीय क्षेत्रों के नजदीक स्थित हैं।

लाभार्थी शकील अहमद, जामिया नगर, दिल्ली
जामिया नगर के एक अन्य निवासी और लाभार्थई शकील अहमद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में शिविर में अपना ब्लड शुगर चेक करवाया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो-तीन वर्षों से जनऔषधि केंद्र से दवाईयां खरीद रहे हैं और उन्हें वहां की दवाएं न केवल सस्ती बल्कि असरदार भी लगती हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं।

तमिलनाडु के कृष्णागिरी में स्वास्थ्य जांच शिविर
स्वास्थ्य जांच शिविरों के दौरान, आम लोगों को 18,000 से अधिक केंद्रों में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) में से निकटतम केंद्र का पता लगाने के लिए 'जनऔषधि सुगम' मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पीएमबीआई का लक्ष्य मार्च 2027 तक 25,000 केंद्र स्थापित करना जिससे सस्ती दवाओं का वितरण अंतिम छोर तक मजबूत किया जा सके।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य जांच शिविर
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के अंतर्गत, ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत कम कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी नागरिक वित्तीय बाधाओं के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। जो उद्यमी, फार्मासिस्ट, डॉक्टर या पात्र व्यक्ति पीएमबीजेके खोलना चाहते हैं, वे www.janaushadhi.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस राष्ट्र निर्माण प्रयास को समर्थन प्रदान करने एवं स्थायी आजीविका सृजित करने के लिए वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं।