"कहां है मेरे रोजगार ? केजरीवाल जवाब दो"

 डी.वाई.एफ.आई. दिल्ली राज्य कमेटी के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने बारिश होने के बाद भी  "कहां है मेरे रोजगार ?  केजरीवाल जवाब दो"



  नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया । प्रदर्शन की शुरुआत ट्रॉमा सेंटर बस स्टैंड से इकट्ठे होकर विरोध मार्च करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर गया जहां पर पुलिस ने रास्ते में बेरिगेट लगाकर रोक दिया। 

डीवाईएफआई ने सभा करते हुए केजरीवाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध सभा की अध्यक्षता भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय सिंह और संचालन अनुषा ने किया।

 

 सभा को संबोधित करते हुए डीवाईएफआई के केंद्रीय कमेटी कोषाध्यक्ष संजीव और राज्य सचिव अमन सैनी ने कहा की केजरीवाल सरकार युवा विरोधी सरकार है 

दिल्ली के युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है ।   केजरीवाल सरकार चुनाव के समय हर साल लाख रोजगार देने का वादा किया था और दूसरे राज्यों के चुनावों में रोजगार के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं उसकी सच्चाई यह है  दिल्ली में सरकारी विभागों में 50% से ज्यादा पद खाली है  इसके बारे में हमारे संगठन के द्वारा लगाई गई आरटीआई और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना इकट्ठा की गई है।  सरकारी विभागों में ठेकेदारी और निजीकरण का बोलबाला है केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में ठेकेदारी प्रथा खत्म होगी और कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा लेकिन सत्ता में आते ही केजरीवाल सब अपने वादे भूल गए भाजपा और कांग्रेस की निजीकरण की राह पर आम आदमी पार्टी की सरकार भी चल रही है।  आम आदमी पार्टी ने अग्निपथ       

स्कीम का समर्थन किया है डीवाईएफआई केजरीवाल सरकार की रोजगार विरोधी और युवा विरोधी अग्निपथ स्कीम का समर्थन करने की कड़ी निंदा करती है और इसका विरोध करती रहेगी।

 केजरीवाल सरकार युवाओं के रोजगार देना चाहते हैं तो पहले सरकारी विभागों में खाली पड़े हुए पदों पर जल्द भर्ती की जाए और निजीकरण और ठेकेदारी प्रथा को बंद करें। 

पिछले साल 12 सितंबर को  DYFI ने केजरीवाल आवास पर प्रदर्शन करते हुए  मांग की थी कि सभी बेरोजगारों को 5000 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की थी जिसको सरकार ने अप्रैल में घोषणा भी कर दी है लेकिन जमीन पर दिल्ली के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल रहा। साथ ही इसको स्नातक और स्नातकोत्तर तक सीमित कर दिया है हमारी इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग है कि बिना शर्त  सभी को बेरोजगारी भत्ता को तुरंत लागू करें। 

 

दिल्ली सरकार के स्कूल मॉडल को लेकर जितनी चर्चा सरकार कर रही है हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों में हजारों अध्यापकों की कमी है साथ ही कमरों की और भवन की कमी है स्कूलों में पढ़ाई का समय कम करके और  स्कूलों को शिफ्ट चल रही है स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं की भारी कमी है कुछ स्कूलों को बेहतर करके  दिल्ली का स्कूल मॉडल नहीं बनता जब तक यह सब स्कूलों को बेहतर नहीं किया जा सकता। साथ ही मुफ्त शिक्षा की बात करते हैं लेकिन सरकारी स्कूलों में परीक्षा शुल्क के नाम पर हजारों रुपए लूट  चल रही है सरकार को लेकर चुप्पी साधे बैठी है। जिसके चलते हजारों विद्यार्थी शिक्षा से बाहर हो रहे हैं।

प्रदर्शन को सीटू के राज्य सचिव सिद्धेश्वर शुक्लामिर्जा मेहंदीविशाल ने संबोधित किया।

पुलिस प्रशासन द्वारा

डीवाईएफआई के सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य अध्यक्ष संजय सिंहमहावीरसंतोष और रिक्ता को मुख्यमंत्री आवास पर लेकर गई और प्रशासन से बातचीत कराई। जिस पर मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों ने मांग पत्र को लिया और आगे कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। डीवाईएफआई अगर सरकार इस मांग पत्र पर गंभीरता से विचार नहीं करेगी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

युवाओं की माँगें :

1.     सरकारी विभागों में खाली पड़े हजारों पदों पर तुरंत भर्ती करो !

2.     भगत सिंह शहरी रोजगार गारंटी योजना कानून बनाओ !

3.     सभी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह 5000 रूपये बेरोजगारी भत्ता दो !

4.     निजीकरण और ठेका-प्रथा बंद करोकच्चे कर्मचारियों को पक्का करो!

5.     स्कूलों में भारी परीक्षा फीस की वसूली बंद करो और स्थायी शिक्षकों की भर्ती करो

6.      सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करो।

7.      दिल्ली मैट्रो में छात्रों के लिए रियारत दर पर मैट्रो पास दिया जाए।

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