किसानों, कृषि से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को सशक्त कर रही है सरकार- तोमर

शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर नई दिल्ली :
भारत सरकार नई तकनीकों और परिपाटियों को विकसित करके तथा बड़े पैमाने पर प्रयोगशाला से जमीन तक लाने की पहल द्वारा किसानों, कृषि से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को सशक्त करने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है। यह बात केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की छठी बैठक में कही। दुशांबे (ताजिकिस्तान) में आयोजित बैठक में वर्चुअल संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि भारत में कृषि क्षेत्र ने कोविड के दौरान भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान करते हुए निर्यात में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है। गरीबी-भूखमरी खत्म करने व खाद्य सुरक्षा व पोषण हासिल करने के सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता जताते हुए श्री तोमर ने कहा कि जैव-प्रबलीकृत किस्में सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर मुख्य आहार का स्रोत हैं, जिन्हें कुपोषण दूर करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद इसके लिए जुटी हुई है। भारत ने 16 अक्टूबर 2020 को एफएओ के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्मारक सिक्के के साथ ही 17 जैव-प्रबलीकृत किस्में भी जारी की गईं। इसके अलावा, वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ, भारत सरकार ने अवसंरचना निर्माण, जैविक खेती आदि के अलावा जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग बढ़ाने, सिंचाई के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण करने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ मिट्टी की उर्वरता को संरक्षित करने, खेत से बाजार तक कनेक्टिविटी प्रदान करने, सूचना एवं प्रसार प्रौद्योगिकी लिंकेज जैसे अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं। श्री तोमर ने कहा कि भारतीय कृषि सफलता के अनेक पायदान चढ़ी है। भारत में हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, नीली क्रांति के अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा किसानों के लिए मूल्य समर्थन प्रणाली विश्व में अद्वितीय हैं। यह नीति-निर्माताओं की दूरदर्शिता, हमारे कृषि वैज्ञानिकों के कौशल व किसानों के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है, बल्कि सरप्लस भी है। वर्तमान में भारत अनाज, फल, सब्जियां, दूध, अंडे और मछली जैसी अनेक खाद्य वस्तुओं का दुनियाभर में अग्रणी उत्पादक है। कृषि हमेशा से भारत के लिए उच्च प्राथमिकता रही है। कोविड-19 के, खाद्य सुरक्षा व आपूर्ति श्रृंखलाओं पर प्रभाव को देखते हुए इस क्षेत्र पर और ध्यान देना पड़ा है। खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को एक्टिव रखने तथा किसान उत्पादकों की आजीविका की रक्षा के लिए विभिन्न देशों के बीच घनिष्ठ संपर्क और ज्ञान को साझा करने की आवश्यकता है। एससीओ की अध्यक्षता के लिए ताजिकिस्तान को भारत की ओर से दृढ़ समर्थन दोहराते हुए श्री तोमर ने कहा कि भारत एससीओ का पूर्ण सदस्य है, इस नाते भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत इस क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक तथा जन-जन के बीच इंटरेक्शन को बढ़ावा देने में शंघाई सहयोग संगठन के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और उनका सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी का खाद्य सुरक्षा व आपूर्ति श्रृंखला पर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है, इसके मद्देनजर खाद्य व पोषण सुरक्षा को संरक्षित करने के लिए खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के सामान्य कामकाज को बनाए रखने हेतु विभिन्न देशों के बीच घनिष्ठ संपर्क व सहयोग आवश्यक है। भारत, कृषि क्षेत्र में अपने व्यापक विकास पथ के साथ, द्विपक्षीय रूप से और साथ ही अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से अन्य विकासशील देशों की सर्वोत्तम परिपाटियों को साझा करना व क्षमता निर्माण जारी रखेगा ताकि वे भी आत्मनिर्भर व खाद्यान्न की दृष्टि से सुरक्षित बन सकें। बैठक में ताजिकिस्तान के कृषि मंत्री श्री ज़ियोज़ोदा सुलेमोन रिज़ोई, चीनी गणराज्य के कृषि व ग्रामीण मामलों के मंत्री श्री तांग रेंजियन, शंघाई कोआपरेशन आर्गेनाइजेशन के महासचिव श्री नोरोव व्लादिमीर ईमामोविच, एफएओ के महानिदेशक श्री क्यू डोंग्यू और ताजिकिस्‍तान गणराज्‍य सरकार की खाद्य सुरक्षा समिति के अध्‍यक्ष श्री फेजुल्‍लोजोदा मोहम्‍मद अद हुवेईदुल्‍लो सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। श्री तोमर के नेतृत्व में शरीक हुए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे तथा वरिष्ठ अधिकारी भी थे.

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