पूर्ण चंद्र ग्रहण; बुधवार, 26 मई को


(भारत में आंशिक प्रावस्था दृश्य)

नई दिल्ली 

26 मई  (5 ज्येष्ठ, शक संवत 1943) को पूर्ण चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय के तत्काल बाद ग्रहण की आंशिक प्रावस्था का अंत अल्प अवधि के लिए भारत के उत्तर पूर्वी हिस्सों (सिक्किम को छोड़कर), पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, ओड़िशा के कुछ तटीय भागों तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से दिखाई देगा । 

यह ग्रहण दक्षिण अमरीका, उत्तर अमरीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्टिका, प्रशांत महासागर तथा हिंद महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा । 

ग्रहण की आंशिक प्रावस्था का प्रारम्भ भा.मा.स. अनुसार घं.15 मि.15 पर होगा । ग्रहण की पूर्णावस्था भा.मा.स. अनुसार घं. 16 मि. 39 पर आरम्भ होगी । ग्रहण की पूर्णावस्था का अंत भा.मा.स. अनुसार घं. 16 मि. 58 पर होगा तथा इसकी आंशिक प्रावस्था का अंत भा.मा.स. अनुसार घं. 18 मि. 23 पर होगा । 

19 नवम्बर  को घटित होने वाला अगला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा । यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसकी आंशिक प्रावस्था का अंत चंद्रोदय के तत्काल उपरांत अल्प अवधि के लिए अरुणांचल प्रदेश और असम के सुदूर उत्तर पूर्वी हिस्सों से दृश्य होगा । 

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को घटित होता है जब पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है तथा ये तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थित रहते हैं । पूर्ण चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से आवृत हो जाता है तथा आंशिक चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा का एक हिस्सा ही पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक पाता है । 

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