गौतमबुद्ध नगर में पहले कोरोना योद्धा पुलिसकर्मी की मौत

सीजेएम अदालत में कोर्ट मोहर्रिर थे 57 वर्षीय हेड कांस्टेबल नेत्रपाल सिंह

 

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से हालांकि अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन, शनिवार को पहले कोरोना योद्धा पुलिसकर्मी की मौत हुई है। जिले में फिलहाल, 30 पुलिस वालों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। 

 

जानकारी के मुताबिक यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल 57 वर्षीय नेत्रपाल सिंह गौतमबुद्ध नगर के किशोर न्याय बोर्ड और सीएजेएम की अदालत में बतौर कोर्ट मोहर्रिर तैनात थे। कोरोना वारियर के रूप में कार्य करते हुए वह कोरोना संक्रमित हो गए। एक हफ्ता पहले उन्हें कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था। उनका इलाज ग्रेटर नोएडा के एक कोविड अस्पताल में चल रहा था। शनिवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से विभाग में शोक है। 

 

गौरतलब है कि बीती 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 25 मार्च से लॉकडाउन से ही जिले के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लोगों से नियमों का पालन कराने में सक्रिय हो गए। सड़क हो या दफ्तर, गांव हो या सेक्टर, अस्पताल हो या श्मशान। हर जगह पुलिसकर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। हालांकि पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह अपनी चिंता जताते हुए पुलिस कर्मचारियों को वायरस के खतरे के प्रति आगाह करते रहे। कई बार तो उन्होंने खुद थानों में जाकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मास्क, सेनिटाइजर आदि दिए। कुछ समाजसेवी संस्थाओं ने उन्हें पीपीई किट भी उपलब्ध कराए। समय-समय पर कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण भी दिया गया। यही कारण है कि दूसरे जिलों मुकाबले यहां कोरोना से संक्रमित होने वाले पुलिस वालों की संख्या कम है। 

 

जानकारी के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर जिले में इस समय 30 पुलिस कर्मचारी कोविड-19 की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें से अधिकतर स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन, डाक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद हेड कांस्टेबल नेत्रपाल ङ्क्षसह को नहीं बचाया जा सका। जिले में पहले कोरोना वारियर की मौत से पुलिस विभाग में शोक व्याप्त है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के इलाज में कारगर है ‘आयुष-64’

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: भारतीय विज्ञान की प्रगति का उत्सव

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हुआ " श्रीमती माधुरी सक्सेना कंप्यूटर शिक्षण केंद्र" का उद्घाटन