लॉकडाउन ने इटावा के हैंडलूम उद्योग की कमर तोड़ी
 

हर महीने होता है 30 करोड़ का कारोबार

 

इटावा। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण किए गए लॉकडाउन के बाद उत्तर प्रदेश के इटावा के एक मात्र हैंडलूम उद्योग को अभी तक गति नहीं मिली है। उद्यमियों व औद्योगिक संगठनों के अनुसार वित्तमंत्री ने 20 लाख करोड़ के पैकेज के बाबत तमाम घोषणाएं कीं, लेकिन उसमें वस्त्र उद्योग के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। 

 

हैंडलूम उद्योग में कारोबार शुरू तो हो गया है, लेकिन बेडशीट और वस्त्र उद्योग चलाने के लिए न रंग मिल रहा है और न धागा। तैयार माल के लिए मार्केट खुल रहा है, लेकिन परिवहन की समस्या आड़े आ रही है। हैंडलूम कारोबारी नवीन अग्रवाल ने बताया कि 12 मई को प्रधानमंत्री द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद से वित्तमंत्री ने अलग-अलग सेक्टरों को मिलने वाली सुविधाओं व प्रावधान के बारे में जानकारी दी। लेकिन, उसमें कालीन, ओडीओपी को सीधे सीधे लाभ पहुंचाने का उपाय नहीं किया गया है।

 

माल तैयार कराने के लिए रंग कानपुर से आता है। धागा मेरठ से मंगाया जाता है। तैयार माल दिल्ली, पानीपत, नोएडा और जयपुर जाता है। इन शहरों के बंद रहने तथा छोटे वाहनों का आवागमन न होने से कारोबार ठप पडा हुआ है। उनका कहना है कि सरकार को यातायात के नियमों में शिथिलता लानी चाहिए, ताकि बुनकर अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।

 

प्रमुख कारोबारी फारुख अंसारी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण तकरीबन 10 हजार बुनकर माल की डिमांड न होने से खाली हाथ बैठे हैं। इटावा शहर में पावर लूम करीब 10 हजार, कामगार करीब 25 हजार, पूर्व में कारोबार तकरीबन 30 करोड़ प्रति माह, वर्तमान मई माह 18 दिन में कारोबार सिर्फ एक करोड और अप्रैल में शून्य कारोबार हुआ है।

 

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त सुधीर कुमार का कहना है कि भारत सरकार ने लघु उद्योगों के लिए जो पैकेज की घोषणा की है, उससे कारोबारियों को राहत मिलेगी। कारोबारियों को शासन के निर्देश पर ऋण दिलाने की व्यवस्था की गई है। बीते एक दिन में 15 कारोबारियों को 172.25 लाख का ऋण वितरित कराया गया है। कुछ दिनों में उन्हें राहत मिल जाएगी।