बजट जनता की आशाओं व आकांक्षाओं के साथ पूर्व की तरह ही छलावा मात्र : मायावती


नई दिल्ली : बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी नेयूपी सरकार द्वारा आज विधानसभा में पेश किए गए बजट को जनता की आशाओं व आकांक्षाओं के साथ छलावा मात्र बताते हुए कहा कि इस बजट से प्रदेश का विकास व यहाँ की लगभग 22 करोड़ जनता का हित व कल्याण संभव नहीं लगता। वैसे भी यही बुरा हाल इनके पिछले बजटों का भी रहा है जो व्यापक जनहित व जनकल्याण के मामलें में बीजेपी की कमजोर इच्छाशक्ति का परिणाम है जिससे यूपी की गरीबी व पिछड़ापन दूर होने के बजाए और भी ज्यादा गंभीर बनता जा रहा है।
सुश्री मायावती जी नेयूपी सरकार के चैथे बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपने बयान में कहा कि यूपी सरकार के आज के बजट में जो भी बड़े-बड़े दावे व वादे आदि किए गए हैं वे पिछले अनुभवों के आधार पर काफी खोखले व कागजी ही ज्यादा लगते हैं। इतना ही नहीं बल्कि केन्द्र की तरह ही यूपी बीजेपी की सरकार ऐसे दावे व वादे करती रही है जो लोगों को आम तौर पर जमीनी हकीकत से दूर तथा विश्वास से परे लगते हैं। 
वैसे भी केन्द्र व राज्य में एक ही पार्टी बीजेपी की सरकार होने पर प्रदेश को जिस विकास का सपना बार-बार यहाँ की गरीब, बेरोजगार व विकास को तरस्ती जनता को चुनावों के समय दिखाया गया था वह कांग्रेस पार्टी की पूर्व की सरकार की तरह ही वर्तमान बीजेपी की सरकार में भी अब तक केवल छलावा ही साबित हुआ है, जो बड़े दुःख की बात है। जनसुविधा व विकास की जो बुरा हाल खासकर राजधानी लखनऊ तक में देखने को मिल रहा है वह लोगों को काफी दुःखी कर रहा है। प्रदेश के करोड़ों लोगों की बुनियादी सुविधाओं को तिलांजलि देकर बीजेपी सरकार केवल अपने संकीर्ण राजनीतिक एजेण्डे पर ही काम कर रही है, जिस कारण उत्तर प्रदेश का विकास व आम जनजीवन भी बुरी तरह से प्रभावित है तथा हर मामले में लगातार पिछड़ा प्रदेश ही बना हुआ है। गरीबी, बेरोजगारी, मजबूरी के पलायन, बदतर कानून-व्यवस्था, महिला असुरक्षा आदि की समस्या से लोग लगातार दुःखी व त्रस्त हैं। बजट पर बजट, घोषणा पर घोषणा जारी है लेकिन इन सबसे प्रदेश की जनता का सही भला कहाँ हो पा रहा है?


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