वोटर लिस्ट की आख़िरी घड़ी BLO और वोटर की लुका-छिपी
मनोवैज्ञानिक डॉ उमेश शर्मा का विश्लेषण नोएडा। सेक्टर 122 के आवासीय कल्याण संगठन के अध्यक्ष और देश के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक डॉ उमेश शर्मा ने वोटरर लिस्ट के सर्वेक्षण की आखरी घड़ी में आम जनता और बीएलओ की जो मनोस्थिति होती है उसका बड़ा ही सूक्ष्म ढंग से विश्लेषण किया है। उनके अनुसार वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) के समय में जो स्थिति बनती है, वह बिल्कुल परीक्षा की अंतिम घड़ी जैसी है। इसमें तीन तरह की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलरही हैं 1. आख़िरी समय का दबाव जैसे छात्र पढ़ाई पूरे साल नहीं करते, पर परीक्षा से ठीक पहले घबराकर दौड़ने लगते हैं, वैसे हीदृ ऽ वोटर आख़िरी दिनों में नाम जोड़ने/सुधारने के लिए भागते हैं ऽ BLO अंतिम दिनों में रिकॉर्ड पूरा करने के लिए इससे तनाव, जल्दबाज़ी और चिड़चिड़ाहट स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। 2.बचने की मनोवृत्ति कुछ लोग वोट बनवाने में रुचि नहीं लेते, क्योंकि ऽ काम बोझ लगता है ऽ सोचते हैं कि “क्या फ़र्क पड़ेगा” ऽ या सरकारी प्रक्रिया को झंझट समझते हैं इसे मनोविज्ञान में Avoidance Tendency कहा जाता है,लोग ऐसे कामों से बचते हैं ज...