बार-बार गाली देना और सार्वजनिक मंचों पर आक्रोश व्यक्त करना का डॉ उमेश शर्मा द्वारा एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

नोएडा मनोवैज्ञानिक डॉ उमेश शर्मा बताते हैं कि राहुल गांधी बार-बार बौखलाहट में आकर अपशब्द बोलते हैं –यह एक मानसिक बीमारी का लक्षण हो सकता है. उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार का संभावित डायग्नोसिस (Diagnostic Possibility) किया है. डॉ शर्मा के अनुसार *Intermittent Explosive Disorder (IED) – संभावना तब बनती है जब व्यक्ति बार-बार अचानक गुस्से के दौरे (anger outbursts) करता है उसकी भाषा असंतुलित हो जाती है (गाली, अपशब्द, आरोप). बाद में उन्हें खुद या उनके सहयोगियों को सफाई देनी पड़ती है या माफ़ी मांगनी पड़ती है. यह व्यवहार असंगत, अनपेक्षित और आवेगात्मक लगता है *अचेतन मन का विश्लेषण (Unconscious Mind Analysis)* . विकसित सुपरेगो और असंतुलित ईगो: राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक भारी विरासत (राजीव गांधी, सोनिया गांधी, इंदिरा गांधी) से हुई। इस “महानता” के दबाव में उनके ईगो और सुपरईगो के बीच द्वंद्व पैदा हो सकता है – जिससे असंतुलन उत्पन्न होता है। • जब वास्तविकता उनके आदर्शों से मेल नहीं खाती, तो निराशा गुस्से में बदल जाती है। 2. *दमन (Repr...