हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में व्याख्यान का आयोजन

नई दिल्ली :


राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी पखवाड़ा (01-15  सितंबर 2021) के दौरान  'राष्ट्रीय प्रगति में राजभाषा हिंदी की महत्ता' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया।     

व्याख्यान श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय के निदेशक, प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय द्वारा दिया गया।  

अपने व्याख्यान में प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय  ने कहा कि भाषा हमारा चैतन्य है और हमारी संस्कृति की मूल धारणा यही है कि भाषा व्यक्तित्व का निर्माण करती है। अपने आचरण में विकास लाने ले लिए भाषा का ज्ञान होना ज़रूरी है। उन्होंने सबको प्रेरित करते हुए कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और हम सभी को हिंदी बोलने में गर्व महसूस करना चाहिए।   

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रो गोविन्द प्रसाद शर्मा ने हिंदी दिवस के अवसर पर कहा कि जब तक हमारे विचारों में अंग्रेजी की श्रेष्ठता बनी रहेगी तब तक हिंदी राजभाषा के रूप में अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर पाएगी। इसके लिए आवश्यकता है कि हिंदी को ज्ञान विज्ञान के शोध की भाषा के रूप में प्रचारित किया जाए।   

कार्यक्रम की शुरुआत न्यास की मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक, श्रीमती नीरा जैन द्वारा राजभाषा प्रतिज्ञा दिला कर की गई। न्यास के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने शपथ ग्रहण की।  

व्याख्यान का आयोजन न्यास सभागार के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में न्यास के उप निदेशक (राजभाषा) श्री राकेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।  

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