कैट ने वर्ष 2021 को "भारतीय व्यापार सम्मान" वर्ष के रूप में मनाने का किया एलान

 सरकार ने ईडी और आरबीआई को एफडीआई और फेमा के उल्लंघन के लिए अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश


नई दिल्ली : -कॉमर्स दिग्गजों और भारत के व्यापारियों के बीच चल रहे सिद्धान्तों की लड़ाई के बीच एक महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। एफडीआई नीति और विदेशी व्यापार प्रबंधन अधिनियम 1999 (फेमाके व्यापक उल्लंघन के लिए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट)  द्वारा की गई विभिन्न शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार ने  प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय रिजर्व बैंक को निर्देश दिया है कि वह अमेज़न और  वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले  फ्लिपकार्ट के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करे।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि हाल ही में अमेज़न और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्टके खिलाफ में कैट द्वारा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को की गई कई शिकायतों पर वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटीद्वारा 22 दिसंबर 2012 को जारी अपने पत्र सं 5/2/2019--कॉमर्स (पार्ट- I) के तहत  भारत के प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों को अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है।

श्री भरतिया एवं श्री  खंडेलवाल  ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय रिजर्व बैंक को दिए अपनी शिकायत में  संचार मेंडीपीआईआईटी ने कैट की चार शिकायतें अग्रेषित की हैं जिनमें फ्लिपकार्ट और आदित्य बिड़ला समूह के बीच हुए करार में एफडीआई नीति का उल्लंघन , विनिर्माण में विभिन्न -कॉमर्स कंपनियों द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेलिंग में एफडीआई नीति का उल्लंघन , अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट द्वारा फेमा और एफडीआई नीति का उल्लंघन और खामियों का शोषण शामिल है।

श्री  भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा कि कैट के तत्वावधान में देश भर के व्यापारी वर्ष 2021 को "भारतीय व्यापार सम्मान वर्षके रूप में मनाएंगे और भारत के -कॉमर्स परिदृश्य को साफ करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे और जोड़-तोड़दुर्व्यवहार और शोषण का युग अब खत्म होगा। कैट द्वारा देश भर के व्यापारियों को डिजिटल वाणिज्य और डिजिटल भुगतान के लिए बढ़ावा दिया जायेगा एवं प्रोत्साहित किया जायेगा जिससे देश मे ऑनलाइन व्यापार का विस्तार संभव हो सकेगा।