केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने की उद्योगों के प्रतिनिधियों से चर्चा

देश में दूरस्थ अंचलों तक फूड प्रोसेसिंग सुविधा का लक्ष्य- श्री तोमर


केंद्र सरकार की नई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव स्कीम से होगा व्यापक लाभ


नई दिल्ली । केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायत राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में श्री तोमर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में दूरस्थ अंचलों तक फूड प्रोसेसिंग सुविधा पहुंचाने का है। उन्होंने उद्योगों से इसमें सहयोग की अपील की। साथ ही, आज केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (पीएलआई) स्कीम के विस्तृत दिशा-निर्देश बनाने संबंधी सभी उद्योगों से चर्चा कर सुझाव लिए गए, ताकि इसका अच्छे से क्रियान्वयन किया जा सकें। देश की विनिर्माण क्षमता व निर्यात बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की इस नई स्कीम से व्यापक लाभ होगा। श्री तोमर ने कहा कि देश में कृषि व ग्रामीण क्षेत्र ने हर समय अपनी मजबूती साबित की है।ये हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सभी आवश्यक छूट दिए जाने सेकोरोना संकट के दौरान लाकडाउन में भी कृषि क्षेत्र की गतिविधियां काफी हद तक अच्छी रही। बुवाई, कटाई, उपार्जन आदि का गत वर्षों से अधिक काम हुआ और ज्यादा सफलता मिली। इस दौरान सबने यह महसूस किया कि खाद्य सामग्री के बिना काम नहीं चल सकता। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित अभियान में देश को आत्मनिर्भर बनानेके लिए स्थानीय उत्पादों कीप्रोसेसिंग के साथ ही कृषि उत्पादन व किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।इसी दृष्टि से सरकार ने कानूनी रिफार्म्स किए है तथा निजी निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अनेक उपाय किए है।1 लाख करोड़ रूपए का कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सरकार लाई और कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए भी अनेक पैकैज घोषित किए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर किसानों की भलाईके लिए निरंतर काम कर रहा है, वहीं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय भी उद्यमियों के लिए तेजी से सुविधाएं जुटा रहा है। छोटे उद्योग पनप सकें व दूरस्थ अंचलों तक भी फूड प्रोसेसिंग सुविधा पहुंचे, यह उद्देश्य है। सरकार चाहती है कि बेरोजगारी की चुनौती का भी समाधान हो और उद्योग तेजी से आगे बढ़े।


श्री तोमर ने प्रतिनिधियों से सुझाव लेते हुए कहा किइनका परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। भारत सरकार कृषि क्षेत्र, किसानों व उद्योगों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है, सभी के सहयोग से देश में बेहतर काम होगा। खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली तथा मंत्रालय की सचिव श्रीमती पुष्पा सुब्रहमण्यम ने भी विचार व्यक्त किए।मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनोज जोशी ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (पीएलआई)स्कीम की जानकारी दी। बैठक में नेस्ले इंडिया के एमडी व सीआईआई की फूड प्रोसेसिंग कमेटी के अध्यक्ष श्री सुरेश नारायण, आईटीसी फूड्स के सीईओ व फिक्की की फूड प्रोसेसिंग कमेटी के अध्यक्ष श्री हेमंत मलिक, आईटीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अनिल राजपूत, पीएचडी चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी श्री अजय बैरी, आईसीसी के श्री मयंक जालान, आल इंडिया फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. सुबोध जिंदल, श्री संजीव डांगी, पेप्सिको इंडिया के श्री विराज चौहान आदि ने विचार व्यक्त करते हुए सुझाव दिए। विभिन्न उद्योग संगठनों ओर से श्री मोहित आनंद, सुश्री ज्योति विज, श्री अभिनव सिंह, श्री सुधीर सीतापति, सुश्री मीतू कपूर, डा. अरूण मिश्रा, सुश्री निरूपमा शर्मा, श्री आर.एस. दीक्षित, श्री गोबिंदराम चौधरी, सुश्री मल्लिका वर्मा, श्री श्रीकांत गोयनका, श्री आदित्य बागरी, डा. राजीव सिंह, सुश्री मधुपर्णा भौमिक, श्री अमित धानुका, श्री रवि कुमार नारा, श्री सुरेश नाइक, श्री मंजुल कुमार सहित अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।


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