बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय छात्रावास व कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन

नए विधेयकों से छोटे-मझौले किसानों को लाभ- केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर


एक देश-एक बाजार की व्यवस्था बहुत ही दूरदर्शी कदम- डा. प्रेम कुमार


नई दिल्ली। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतरराष्ट्रीय छात्रावास का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि एक देश-एक बाजार की व्यवस्था से किसानों को लाभ होगा। देशभर में 10,000 कृषक उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसानों को गुणवत्तायुक्त इनपुट एवं उत्पादों का बाजार में सही मूल्य मिल सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में अनेक नए आयाम जुड़े हैं। भारत सरकार का कोई भी कार्यक्रम हो, बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अच्छे-से क्रियान्वित किया जा रहा है। लोक सभा ने जो नए विधेयक पारित किए हैं, उनका फायदा भी छोटे व मझौले किसानों तक पहुंचेगा। ये विधेयक देशभर के किसानों के जीवन में खुशहाली लाएंगे। 


श्री तोमर ने, बिहार कृषि वि.वि. द्वारा अपनी स्थापना के 10 वर्षो की अल्पावधि में ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से प्रकाशित श्रेष्ठता सूची के तहत कृषि वि.वि. व सकमक्ष संस्थानों में देश में 18वां स्थान हासिल करने पर खुशी जताई। उन्होंने, वि.वि. द्वारा यू-ट्यूब, वाट्सएप व सामुदायिक रेडियो से किसानों को ट्रेनिंग के साथ-साथ तकनीकी फिल्मों का प्रदर्शन करते कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की समसामयिक जानकारी प्रदान करने की भी सराहना की। वि.वि. के विभिन्न कार्यक्रमों को यू-ट्यूब पर पसंद किए जाने से उसे गुगल से ‘‘सिल्वर बटन’’ विशिष्ट सम्मान प्राप्त है। केंद्रीय प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग द्वारा वि.वि. को ई-गर्वनेन्स पुरस्कार की प्राप्ति उसके डिजिटल सूचना तंत्र की समृद्धि का प्रमाण है। श्री तोमर ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान सूचना तकनीक के माध्यम से किसानों के कौशल उन्नयन को बढ़ावा देने के लिए प्राप्त देश का प्रतिष्ठित स्काच ‘‘गोल्ड मैडल’’ बिहार कृषि वि.वि. की सेवा भावना का प्रतीक है। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि ई-गर्वनेन्स एवं डिजिटाइजेशन के माध्यम से सिस्टम को गतिशील बनाया जाएं, जिसका सीधे किसानों को लाभ मिल सकें। 


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार के कृषि तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डा. प्रेम कुमार ने कहा कि लोक सभा द्वारा मंजूर कृषि क्षेत्र के दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों से किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी। किसान जहां चाहेगा-जिसे चाहेगा, अपनी फसल बेच सकेगा। ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री हो सकेगी। किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल पाएगी। एक देश-एक बाजार की दिशा में यह बहुत ही दूरदर्शी कदम है। 


विशेष अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री  कैलाश चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना है, जिसके लिए सरकार सभी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करना होगा। 


बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि जर्दालू आम, कतरनी धान, मगही पान, मखाना आदि को देशी-विदेशी बाजारों तक पहुंचाने एवं इसके प्रसंस्करण के लिए वि.वि. कार्य कर रहा है। साथ ही बिहार के युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए वि.वि. प्रयासरत है। 


इस अवसर पर श्री तोमर ने सब-एग्री इन्क्यूबेटरस् कार्यक्रम के तहत् प्रशिक्षित अभिनव आनंद (स्टार्ट अप) द्वारा तैयार सुगर केयर आटा एवं मखाना के मूल्यवर्धित उत्पादों का विमोचन किया, साथ ही सबौर सब-एग्री इन्क्यूबेटरस् के कैलेंडर का भी विमोचन किया। 


कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा व उपमहानिदेशक डा. आर. सी. अग्रवाल, निदेशक डा. आर. के. सोहाने सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे। 


 


  


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