संक्रमण न फैले तथा संसद चले : लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र की तैयारियों के बाबत विशेषज्ञों के साथ बैठक की


- सभी सांसदों, निजी स्टाफ, संसद कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और मीडिया कर्मियों को भी करवाना होगा कोरोना टेस्ट


नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मॉनसून सत्र से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स, आईसीएमआर, डीआरडीओ और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान श्री बिरला ने निर्देश दिया कि संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए और संसद परिसर में भी स्वास्थ्य जांच के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। 


ओम बिरला ने कहा की संक्रमण न फैले और संसद चले, इसके लिए विशेषज्ञों के सुझाव अनुसार सारी तैयारी की जाएंगी तथा संसद परिसर के भीतर व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के साथ सत्र चलेगा। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों से आग्रह किया जायेगा कि वे अपना कोविड-19 टेस्ट कराएं। 


लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशानुसार कोरोना संक्रमण से बचाव के हर संभव उपाय किये जा रहे हैं। इसके लिए संसद परिसर तथा संसद भवन में प्रवेश के समय थर्मल गन और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त संसद परिसर में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। 40 स्थानों पर टचलेस सैनेटाइजर लगाए जाएंगे तथा इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर में कोविड-19 से बचाव के दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन किया जाएगा।    


लोकसभा चैम्बर में सामाजिक दूरी और अन्य दिशानिर्देशों का पालन किया जायेगा। सांसदों को अपनी बात बैठकर रखने की अनुमति भी दी जा रही है ताकि खड़े होकर बोलने पर संक्रमण के किसी खतरे की गुंजाइश नहीं रहे। इस बार संसद सत्र के दौरान आम लोगों को संसद परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोरोना के देखते हुए संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए यह निर्णय किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए दर्शक दीर्घाओं में सांसदों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।


श्री बिरला ने यह भी निर्देश दिया कि मानसून सत्र के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाए। इस सन्दर्भ में, कर्मचारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन बनाई जा रही हैं। आवश्यकता होने पर कर्मचारियों की संख्या भी कम की जा सकती है। मंत्रालयों की अधिकारियों एवं सांसदों के स्टाफ की भी जांच की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ, लोकसभा व राज्यसभा के मीडियाकर्मियों की अधिकतम संख्या 100 तक रखने का प्रस्ताव है। मीडियाकर्मियों का भी कोविड टेस्ट अनिवार्य होगा।