टल गया चक्रवाती तूफान निसर्ग का खतरा, महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों को राहत

 तेज हवाओं से उड़ गईं कुछ घरों की छतें, पेड़ भी गिरे

नई दिल्ली। विश्वव्यापी कोविड-19 की महामारी से जूझ रहे महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों को चक्रवाती तूफान निसर्ग के खतरे ने डरा दिया था, लेकिन उसकी गति कम होने से दोनों राज्यों से खतरा टल गया है। इसके साथ ही सरकारों और एनडीआरएफ की टीम ने राहत की सांस ली। हालांकि समुद्र के किनारे बसे शहरों में कुछ घरों की छतें उड़ गईं और कुछ पेड़ धराशायी हो गए, लेकिन फिलहाल किसी की जान जाने की खबर नहीं है। पश्चिम बंगाल में बीते दिनों आए एम्फन तूफान से हुई भीषण तबाही से निसर्ग के खतरे को लेकर भी लोग भयभीत थे। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था।

चक्रवाती तूफान निसर्ग के खतरे के मद्देनजर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील कर लोगों से घरों में ही रहने को कहा था। तूफान का स्तर जिस तरह से बताया जा रहा है वो काफी भयानक होगा। समुद्र किनारे बसे लोगों को दूर के इलाकों में भी शिफ्ट कर दिया गया था। शासन की ओर से एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई थीं। कुछ अन्य टीमों को को हमेशा एलर्ट पर रहने को कहा गया था। चक्रवाती तूफान के मद्देनजर मुंबई में थाणे के किनारे सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरफ की टीम को तैनात किया गया था।

एनडीआरएफ की टीम ने समुद्र किनारे लाउडस्पीकर से एनाउंस कर लोगों को सुरक्षित रहने और समुद्र में न जाने की जानकारी देती रही। समुद्र किनारे नावों को बांध दिया गया था, जिससे वो तेज हवाओं के साथ बह न जाएं। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की भी सलाह दी गई थी।

बीते दो दिनों से इस चक्रवाती तूफान को लेकर तमाम तरह की बातें कही जा रही थी। हालांकि इस तूफान से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई पेड़ गिर गए और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली के खंभों को दुरूस्त कर सप्लाई चालू करने में विभाग को कई घंटे लगे।

हरिहरेश्वर और दमन के बीच महाराष्ट्र तट को पार करने वाले साइक्लोन निसर्ग के मद्देनजर अलीबाग के एक स्कूल में लगभग 390 लोगों को एक  राहत शिविर के लिए भेज दिया गया था। एक बुजुर्ग को एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। पणजी शहर के कुछ हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। एनडीआरएफ की टीम ने लगभग 1500 नागरिक को सुरक्षित निकाल कर रायगढ़ में शरण दी।