एक्वा मेट्रो कॉरिडोर के सेक्टर 50 का पिंक मेट्रो स्टेशन ट्रांसजेंडरों को समर्पित 

ट्रांसजेंडर लोगों को सुविधा और रोजगार दिया जाएगा


नोएडा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के कारण समाज के हर वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन ट्रांसजेंडर समाज इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अब नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) ने एक नई पहल करते हुए ट्रांसजेंडर लोगों की समाज में भूमिका को बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा मेट्रो लाइन पर स्थित सेक्टर 50 मेट्रो स्टेशन को ट्रांसजेंडरों को समर्पित किया है। इस स्टेशन पर ट्रांसजेंडर लोगों को न सिर्फ विशेष सुविधाएं दी जाएंगी, बल्कि उन्हें रोजगार भी दिए जाएंगे।


गौरतलब है कि नोएडा-ग्रेनो एक्वा लाइन कॉरिडोर पर सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन खास तौर से महिलाओं के लिए पिंक स्टेशन बनाया हुआ है। इसका शुभारंभ 8 मार्च 2020 को किया गया था। यहां पर शिशुओं के लिए स्तनपान से लेकर, महिलाओं के मेकअप रूम आदि की सुविधाएं हैं। इस पिंक स्टेशन पर काफी संख्या में महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। अब इस स्टेशन को एनएमआरसी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष रूप से बनाने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत जल्द कर दी जाएगी। एनएमआरसी की एमडी ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि इस ट्रांसजेंडर समाज के लिए उत्तर भारत में किसी भी मेट्रो सिस्टम द्वारा शुरू की गई यह पहली और अनूठी पहल है। अभी तक इस स्टेशन को पिंक स्टेशन घोषित किया गया था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर इसे पर ट्रांसजेंडर समुदाय को समर्पित किया जाएगा।


एनएमआरसी की प्रबंध निदेशक ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 4.90 लाख ट्रांसजेंडर हैं। इनमें से 30 से 35 हजार एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं। उन्होंने बताया कि यह ट्रांसजेंडर स्टेशन भी पिंक स्टेशन की तर्ज पर होगा। सेक्टर-50 स्टेशन ट्रांसजेंडर समुदाय को समर्पित किया जाएगा। हालांकि यह सभी प्रकार के यात्रियों के लिए खुला रहेगा। इस स्टेशन पर बने शौचालयों के स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अलग सुरक्षा जांच पर विचार किया जा रहा है।


ट्रांसजेंडर समाज को स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्ध कराने की जद्दोजहद में लगी सामाजिक संस्था बसेरा की अध्यक्ष रिजवान उर्फ रामकली ने इस पहल का स्वागत किया है। रामकली कहती हैं कि वह ट्रांसजेंडर समाज के लोगों को समाज में समान स्वीकार्यता और मान्यता दिलाने का प्रयास कर रही हैं। वह चाहती हैं कि हिजड़ा समाज के लोग शिक्षित होकर काम करें और सम्मान के साथ जिंदगी गुजारें।