लॉकडाउन में मनरेगा के कामों पर रोक से मुश्किल में प्रवासी मजदूर 

 प्रधान ने कहा, जमीन विवाद के कारण रोका गया काम

 

इटावा। लॉकडाउन में मनरेगा का काम शुरू कराया गया है, ताकि गांव के मजदूरों के साथ ही प्रवासी मजदूरों को भी काम मिल सके। लेकिन, कई स्थानों पर मनरेगा के काम बीच में ही रोक दिए गए। जिन मजदूरों को काम मिला था वे फिर खाली हाथ हो गए। इसके चलते इन मजदूरों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। 

 

इटावा जिले के बसरेहर क्षेत्र में बीच में काम बन्द होने से मजदूर परेशान हैं। जबकि जसवंतनगर क्षेत्र में कुछ स्थानों पर मजदूरों को मांगने पर भी काम नहीं मिल रहा है। बसरेहर क्षेत्र के गांव जैतपुर तोताराम में चकरोड का निर्माण कराया जा रहा था। इसमेें मजदूर लगे थे। अब पिछले दिनों काम अचानक बन्द करा दिया गया तो मजदूर बेरोजगार हो गए। हालांकि अभी कई दिनों का काम बकाया था। यहां काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि अभी काम काफी दिन चलना था, लेकिन उसे अचानक बन्द करा दिया गया। यहां मजदूरी कर रहे अवनीश कुमार व छोटेलाल ने बताया कि वे काफी उम्मीद से काम कर रहे थे कि मजदूरी मिल जाएगी। लेकिन अचानक काम बन्द हो गया। इससे वे काफी निराश हैं। 

 

ग्राम प्रधान बबलू का कहना है कि खेत के कुछ विवाद को लेकर काम फिलहाल रोका गया है। नापतौल कराई जा रही है। इसके बाद फिर काम शुरू करा दिया जाएगा। इसी तरह जसवंत नगर क्षेत्र के गांव नगला तौर की रूपा देवी ने ब्लाक पहुंचकर शिकायत की है। उसे व उसके पति को मांगने के बाद भी मनरेगा में मजदूरी नहीं दी जा रही है। इससे गुजारा मुश्किल हो गया है।

 

इटावा के सीडीओ राजा गणपति आर. का कहना है कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अन्तर्गत काम कराए जा रहे हैं। यह सभी काम पूरे होंगे और बीच में कोई काम रोका नहीं जाएगा। जहां काम रोके गए हैं, वहां उसके कारण की जानकारी करके उसका निवारण करके काम शुरू कराया जाएगा।

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