अंशुमाली सिन्हा नवरत्न फाउंडेशन्स के जो आए वो गाए कार्यक्रम के तीसरे संस्करण के ग्रैंड फिनाले में वरिष्ठ वर्ग में पुरषोत्तम बने सर्वोताम गायक और कनिष्ठ वर्ग में कुमारी हीरत सिसोदिया ने सर्वोत्तम गायिका की की बाज़ी मारी. विदित हो कि हीरत नोएडा के पूर्व उद्यान निदेशक के पी सिंह की पौत्री है और सेक्टर 122 में रहती है. . सेक्टर 33, नोएडा हाट के मुक्त आकाश थिएटर में दिल्ली-एनसीआर में अब तक के हुए रियलिटी शोज का एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए संपन्न हुआ। डॉ. अशोक श्रीवास्तव के अप्रतिम उद्बोधन व मंच संचालन व सह-एंकर शिवानी पांडे के उद्घोषण और धमाकेदार चित्रपट दृश्यों के बीच पूरे जोश और दमदार गुरूओं की टीम के सांगीतिक परिचय की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम का आगाज हुआ। जिसे सभी ने न केवल सराहा बल्कि बॉलीवुड रियलिटी शो से किसी भी मायने में कमतर ना होने की तुलनात्मक रूप से चर्चा कर दिल्ली एनसीआर में अबतक के होने वाले कार्यक्रमों के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया। 7 वर्ष पूर्ण करते हुए जो आए वो गाए ने दो सफल संस्करण सीजन 1 और सीजन 2 की अभूतपूर्व सफलता के...
नोएडा, उत्तर प्रदेश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं आवासीय शहर है। राजधानी दिल्ली से सटे होने के कारण यह शहर उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सूची में सदैव रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए विगत वर्षों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्रों का अभूतपूर्व दौरा किया है।परंतु, यह अत्यंत खेदजनक है कि स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा एवं विधायक श्री पंकज सिंह नोएडा के विकास में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। नागरिकों द्वारा बार-बार संपर्क करने, ज्ञापन देने व समस्याएँ उठाने के बावजूद ठोस कार्यवाही नहीं हो रही है। यह कहना है नोएडा के विभिन्न सेक्टरों के निवासियों का. आवासीय कल्याण संगठन सेक्टर 122 के अध्यक्ष डॉ उमेश शर्मा ने नोएडा की प्रमुख समस्याओं के हल न होने के कारण जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता बताया है. उनके अनुसार सांसद और विधायक को बार-बार अवगत कराने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा. जन प्रतिनिधियों का क्षेत्रीय दौरों की संख्या अत्यंत सीमित है।नागरिकों की शिकायतें केवल “कागज़ों में” दर्ज हो रही हैं, ज़मीनी क...
नई दिल्ली : ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से दिल्ली में मुलाकात कर उनका स्वागत किया और उन्हें एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से फेडरेशन ने यह मांग की है कि ऊर्जा क्षेत्र एवं बिजली उपभोक्ताओं के व्यापक हित में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल का प्रस्ताव अब न लाया जाए और निजीकरण के व अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के विफल प्रयोग को वापस लिया जाए। फेडरेशन ने यह भी मांग की है कि कोयले के लगातार बढ़ रहे उत्पादन को देखते हुए राज्यों के बिजली उत्पादन घरों को अनिवार्य रूप से कोयला आयात करने का निर्देश वापस किया जाए। फेडरेशन ने कहा है कि ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेषज्ञ पावर इंजीनियर्स को देश के सभी पावर कार्पोरेशन में शीर्ष प्रबंधन पदों पर तैनात किया जाए। फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे, सेक्रेटरी जनरल पी रत्नाकर राव, मुख्य संरक्षक पदमजीत सिंह,सत्यपाल, यशपाल शर्मा, प्रशांत चतुर्वेदी और ए के ...