देश भर के व्यापारी बेहद परेशान,आर्थिक पैकेज के लिए मूंह ताक रहे केंद्र सरकार की ओर

नोएडा


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीथारमन से कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश भर के व्यापारिक समुदाय के लिए एक आर्थिक पैकेज की मांग मजबूती से उठाई है । 


कैट ने कहा की अब देश के व्यापारी और अधिक इंतज़ार नहीं कर सकते और अब वह  समय आ गया है जब सरकार को व्यापारियों के लिए एक आर्थिक पैकेज की घोषणा तुरंत करनी चाहिए । देश भर में व्यापारी वर्ग ही ऐसा है जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हुआ है । कैट दिल्ली एन सी आर संयोजक  सुशील कुमार जैन  ने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था के अन्य वर्गों केलिए  कई पैकेजों की घोषणा की है, लेकिन व्यापारिक समुदाय जिसे अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है  उसकी हालत बेहद पतली हो गई है । कैट ने यह भी कहा कि अगर व्यापारियों को पर्याप्त पैकेज नहीं दिया जाता है, तो देश में घरेलू व्यापार काफी हद तक ध्वस्त हो सकता है।देश में कृषि के बाद खुदरा व्यापार सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है, इस क्षेत्र को राहत प्रदान करना बहुत आवश्यक है। व्यापारियों की सभी आशाएँ और आँखें अब उत्सुकता से वित्त मंत्री पर टिकी हैं ! 


कैट ने आगे कहा कि जब देश में अकाल पड़ता है तब हमेशा सरकार ने किसानों को पैकेज दिया है ! कोरोना देश भर के व्यापारियों के लिए एक अकाल ही है जिसको देखते हुए सरकार को व्यापारियों के लिए एक आर्थिक पैकेज तुरंत देना चाहिए ।


कैट के दिल्ली एन सी आर संयोजक  सुशील कुमार जैन  ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन से आग्रह किया है की यह संतोष की बात है कि कोरोना महामारी के इस विकट समय में देश भर के लगभग 45 लाख व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे देश में किसी भी सामग्री की कोई कमी कहीं नहीं हुई ! व्यापारियों ने अपने जीवन को जोखिम में डाला और भारत के नागरिकों की सेवा की है ! उन्होंने कहा कि अगर व्यापारियों को कोई पैकेज नहीं दिया जाता है, तो भारत में खुदरा व्यापार व्यवसाय अपने सबसे बुरे दिन देखेगा और बड़ी संभावनाएं इस बाबत की हैं की देश भर में बड़ी संख्या में व्यापारी खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए मजबूर हो जाएंगे !  व्यापारियों को उम्मीद थी कि सरकार द्वारा 14 अप्रैल के आसपास व्यापारियों को एक पैकेज दिया जाएगा, लेकिन लगभग 14 और दिन बीत चुके हैं और अब तक पैकेज के बारे में कोई शब्द नहीं है जो व्यापारियों को चिंतित कर रहा है और व्यापारी अपने भविष्य को लेकर बेहद आशंकित है ।