अविलम्ब वकीलों का धयान रखते हुए वित्तीय सहायता प्रदान करे सरकार - जूडिशियल कॉउन्सिल  

 


New Delhi


अविलम्ब सरकार  वकीलों का धयान रखते हुए वित्तीय सहायता प्रदान  करे जिस तरह के हालात हैं उसके निकट भविष्य में सुधरने की संभावना कम  लगती है । जूडिशियल कॉउन्सिल   नें अपने  पत्र में प्रधान मंत्री तथा वित्र मंत्री को लिखते हुए इस बात का भी आग्रह किया है की आज जहाँ सारा विश्व महामारी से गुजर रहा है वहां हम लोग भी अछूते  नहीं हैं और बड़ी संख्या में वकील जिनकी रोजी रोटी लॉकडाउन  के कारण छिन  चुकी है और  हालात सामान्य  होने में अभी वक़त लगेगा । वकील  भुखमरी में पहुंचे  उससे  पहले उनको आर्थिक सहायता  मिलनी जरूरी है । जूडिशियल कॉउन्सिल  के डायरेक्टर जनरल श्री राजीव अग्निहोत्री    ने आपात  बैढक के दौरान यह भी बताया की उन्होंने 19 मार्च  को पत्र  लिख  कर  राष्ट्रपति , प्रधान मंत्री , चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया , चीफ जस्टिस दिल्ली  हाई कोर्ट, उप राज्यपाल तथा मुख्य मंत्री दिल्ली  से  आग्रह  किया था की जेलों  में बंद उन कैदियों को जो निम्न  अपराध की श्रेणी  में आते हैं उनको छोड़ा जाये । जूडिशियल कॉउन्सिल पब्लिक ग्रीवांस  कमिटी के मेंबर संजय द्वारा इस बात का भी खुलासा  किया गया की  हमारे वालंटियर्स जल्द ही  हैंड सांइटिजेर्स   झुग्गियों में बाटेंगे और  ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करेंगे और संयम बरतने को कहेंगे उनका यह  कहना  था की अगर यह महामारी  अगर इटली ,चीन, स्पेन देशों  की तरह फ़ैल  गयी तो इस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जायेगा ।


श्री अग्निहोत्री  ने यह बताया की  यह COVID 19  वायरस एक जैव हथियार है इसमें चीन की भूमिका  को नाकारा नहीं जा सकता , और अभी विश्व को ऐसे मानव निर्मित वायरस जैव हथियार का सामना  करना पड़ेगा जिससे संक्रमित होने के दस महीनों  के बाद ही पता  चल पायेगा ।