महाराष्ट्र में तीन बम्बू के टेंट वाली सरकार , कितना कामयाब ? 

 


72 घण्टे में पवार ने मोदी सरकार एंड कंपनी को राजनीतिक मैदान में चित कर महाराष्ट्र में तीन बम्बू वाले टेंट वाली सरकार बनवा दी हैं।


!23 नवम्बर को शरद पवार महाराष्ट्र में सरकार बनाने को ले कर दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलते हैं, महाराष्ट्र में भाजपा का साथ देखर सरकार बना कर सरकार चलाने का वायदा करते हैं, इसमें शायद अंदरखाने शर्त रखी हो कि सरकार शपथ ग्रहण से पहले अजीत पवार पर लगे स्पैम घोटाले से बरी कर दिया जाए उन्हें क्लीन चिट का घोषणा कर दी जाए शायद इसी लिये इधर शपथ और उधर क्लीन चिट की घोषणा हैं न् विचारणीय बात इसी लिये आनन फानन मेंअजीत पवार कुछ विधायकों ले कर एनसीपी का साथ छोड़ कर महाराष्ट्र भाजपा के फ़ण्डावीस के साथ सरकार भी बनाली दूसरी तरफ उसी दिन अपने पर लगे स्पैम घोटाले से क्लीनचिट दिलवा दिया और उपमुख्यमंत्री की शपथ भी ले लिया और 72 घण्टे के अंदर सरकार से इस्तीफा भी दे दिया। इसमें कोई शक नही की शरद पवार किंगमेकर हैं और आज फिर एक बार शरद पवार महाराष्ट्र के किंग मेकर होने का प्रमाण दे दिया - महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमन्त्री बेशक उद्धव ठाकरे रहेंगे लेकिन सरकार संगठन में मुखिया शरद पवार ही होंगे पर कोंग्रेस पर कितना भरोसा किया जा सकता है यह तो एनसीपी ही बता सकती है, यदि फिर सरकार गिरी तो इसका श्रेय कांग्रेस को ही जायेगा । 


केंद्र की भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार  का शक्ति का दुरुपयोग कर संविधान का धज्जी उड़ाते हुए रातों रात फ़ंडरावीस को मुख्यमंत्री बनाया दिया जिससे सारी दुनिया में थू थू होने लगी तब इन्हें बैकफुट पर आना पड़ा । वही अजीत पवार की उपमुख्यमंत्री बनने की लालसा ने उनकी राजनीति को हल्की कर दिया, उनकी इस दलबदलू राजनीति के कारण आनेवाले समय मे इनकी राजनीतिक स्तर काफी नीचे नही बल्कि समाप्त होने का डर था, इस बात को वह बहुत जल्दी समझ गए और तुरन्त अपने घर वापस हो गए जिससे अब परिवार में तो जैसे थे वैसे रहेंगे ही बल्कि पार्टी के राजनीत स्तर पर पर डर ज़रूर बना रहेगा कि अजीत कभी भी करवट ले सकते हैं। 
अब महाराष्ट्र का राजनीति खेल पूरी तरह से बदल गया गया है , एक डर के माहौल में महाराष्ट्र की सरकार चलेगी । भाजपा विपक्ष में रहकर जहां सरकार का विरोध करेगी वही वह सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नही छोड़ेगी । भाजपा साम, दाम, दण्ड, के तहत सबसे पहले सम्प्रदायिकता का माहौल खराब कर महाराष्ट्र के लाइन-ऑडर को बिगाड़ेगी, दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों में फुट डालेगी, और सरकारी महकमे घूसखोरी , भृष्टचार बढ़ाएगी। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस में मनुवादी विचारधारा वाले लोग छह महीने के अंतराल में ही तिकोनिया टेंट वाली सरकार का एक बम्बू खींच कर सरकार गिराने में भाजपा को आंतरीक मदद करेंगे।
      अब आने वाला समय ही बताएगा कि इन त्री बम्बू टेंटनुमा सरकार कितना आंधी पानी व अन्य आपदाओं को झेल कर पांच वर्ष खींच पाएगी या नही प्रतीक्षा करें ।


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