'हिंदवी स्वराज्य यात्रा' दो हजार किमी की दूरी तय कर कल पहुंचेगी‌ दिल्ली

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अभाविप का चार दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन गुरुवार को होगा प्रारंभ


8500 विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम्‌ का होगा सामूहिक गान

नई दिल्ली :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दिल्ली में आयोजित हो रहा चार दिवसीय 69वां राष्ट्रीय अधिवेशन कल 07 दिसंबर से दिल्ली के डी.डी.ए. मैदान बुराड़ी में प्रारम्भ होगा। 28 नवंबर को महाराष्ट्र के रायगड किले से शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की 'हिंदवी स्वराज्य यात्रा' दो हजार किमी की दूरी तय करके गुरुवार की सुबह दिल्ली पहुंचेगी। गुरूवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन स्थल पर स्थित दत्ताजी डिडोलकर प्रदर्शनी का उद्घाटन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्राध्यापक राजकुमार भाटिया तथा मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा किया जाएगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान गुरुवार को 8,500 विद्यार्थी एक साथ वंदे मातरम का सामूहिक गान करेंगे। इस दौरान 150 दृष्टिबाधित दिव्यांग छात्र तिरंगे के आकार में इस समूह का नेतृत्व करेंगे। वंदे मातरम सामूहिक ज्ञान में शामिल हो रहे विद्यार्थी अलग-अलग प्रदेशों का नेतृत्व करेंगे।

विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन स्थल पर भारतीय संस्कृति के सुंदर प्रतीक चिन्हों का समावेश किया गया है, अधिवेशन स्थल पर टेंट सिटी को कुल 12 नगरों में विभाजित किया गया है, जिनके नाम संत ज्ञानेश्वर, अहिल्या बाई होलकर, लाचित बरफूकन, भगवान बिरसा मुंडा, मदन मोहन मालवीय, गुरु तेगबहादुर, सुब्रमण्यम भारती, महाराणा प्रताप, गुरु नानक देव, भगवान विश्वकर्मा, रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी मां गाईदिन्ल्यू के नामों पर रखे गए हैं। इसके साथ ही भारत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व अलग-अलग माध्यमों से विद्यार्थी परिषद के अधिवेशन के लिए बसाई गई टेंट सिटी में दिखाई दे रहा है।

राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों के निमित्त आज डीडीए ग्राउंड में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री हुश्यार मीणा, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशुतोष सिंह, दिल्ली प्रांत इकाई के प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री तथा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की सचिव अपराजिता की उपस्थित रही। अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हुशियार सिंह मीणा ने कहा कि “भारत के गौरवशाली इतिहास और अनुपम विरासत की झलक इस राष्ट्रीय अधिवेशन में दिखाई देगी। यह आयोजन शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रमुखता से उठाएगा।”




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