राज्यपाल श्री अर्लेकर द्वारा पुस्तक ‘देवधरा हिमाचल प्रदेश’ का लोकार्पण

 


“यह पुस्तक उचित समय पर लिखी गई है। राज्य के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओ को इसके अलग-अलग अध्यायों में व्यवस्थित तरीके से समेटा गया है।”

शिमला 


हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के कर कमलों द्वारा तथा, मुख्य सचिव  राम सुभग सिंह, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द प्रसाद शर्मा तथा निदेशक युवराज मलिक, तथा डॉ रचना गुप्ता  की गरिमामयी उपस्थिति में ‘देवधरा हिमाचल प्रदेश’ पुस्तक का विमोचन न्यू रेजेन्सी हॉल, होटल हॉलिडे होम, सर्कुलर रोड, शिमला में किया गया।

पुस्तक का विमोचन करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल  राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में हिमाचल प्रदेश की स्वर्णिम विकास यात्रा के दसों अध्यायों का उन्होंने विस्तृत अध्ययन किया है, और इस पुस्तक में राजनीति, समाज और अन्य पक्षों को भी समेटा गया है।

 उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ये पुस्तक, हिमाचल प्रदेश के ज्ञान, शोध और अन्वेषण का एक नया मार्ग प्रशस्त करेगी। महामहिम राज्यपाल में बताया कि भारत की स्वतंत्रता की विकास यात्रा के 75 साल -- जो कि आज़ादी का अमृत महोत्सव के रूप में देश भर में मनाया जा रहा है -- और हिमाचल प्रदेश के 50 साल में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भी 65 साल से देश को ज्ञानवान बनाने का सहयात्री रहा है।

राज्य के मुख्य सचिव  राम सुभग सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में विकसित हुआ है। देवधराः हिमाचल प्रदेश पुस्तक में लेखिका ने काफी श्रम करके संबधित आंकड़ों और जानकारियों को जुटाया है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द प्रसाद शर्मा ने कहा किसी क्षेत्र के बारे में जानने के लिए सबसे अच्छा तरीका है उससे जुड़ी पुस्तकें पढ़ना क्योंकि ये समझ भी बढ़ाती है और पढ़ने से बड़ा कोई आनंद भी नहीं है। प्रो. शर्मा ने यह भी कहा कि यह पुस्तक राज्य के पाठकों के आलावा देश के अन्य राज्यों के लोगों में हिमाचल प्रदेश के बारे में दिलचस्प ढ़ंग से जानकारी देती है। उन्होंने लेखिका के लेखन शैली की प्रशंसा भी की।  

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक  युवराज मलिक ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आने वाल समय में अन्य प्रदेशों से जुड़ी पुस्तकें भी प्रकाशित की जाएंगी ताकि प्रदेशों से जुड़ी सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जानकारियां से पाठक भलीभंति परिचित हो सकें जो की सरकार के एक भारत श्रेष्ट भारत पहल के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत विभिन्न विषयों पर 50 से अधिक भाषाओं में, जिसमें 6 यूएन की भाषाएं सम्मलित हैं, पुस्तकें प्रकाशित करने के लिए कार्यरत है।

पुस्तक की लेखिका डॉ. रचना गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार के साथ-साथ एक सम्मानित लेखिका ने कहा कि पुस्तक समकालीन और अद्यतन है और पुस्तक में प्रामाणिक डेटा का उपयोग किया गया है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा प्रकाशित तथा डॉ रचना गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक ‘देवधरा हिमाचल प्रदेश’ में हिमाचल प्रदेश की 50वीं वर्षगांठ की महत्ता को रेखांकित करते हुए उपलब्धियों का एक तटस्थ विश्लेषण किया गया है। इस पुस्तक में मानवीय सभ्यता के उद्भव काल और विभिन्न युगों में भिन्न भिन्न क्षेत्रों में उसके विकास से लेकर आज के हिमाचल प्रदेश के विकास क्रमों का एक प्रतिनिधिक परिचय देने का सचेत उपक्रम किया गया है। इन विशिष्ट क्षेत्रों का चयन इस प्रकार किया गया है जिनसे हिमाचल प्रदेश की समग्र विकास यात्राओं की प्रतिनिधि विशेषताओं, क्षमताओं एवं संभावनाओं से पाठक भलीभांति परिचित हो सकें।

इस कार्यक्रम में, पुस्तक विमोचन के साथ, एनबीटी ने एक फोटो-प्रदर्शनी भी लगाई थी, जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य में शिक्षा से संबंधित एनबीटी के प्रत्येक कार्यक्रम को दर्शाया गया है। इसके अलावा, एक पुस्तक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें लोकगीत, संस्कृति, भूगोल, परंपरा और हिमाचल परदेश के अन्य पहलुओं को प्रदर्शित करने वाली एनबीटी पुस्तकों के साथ-साथ एनबीटी द्वारा प्रकाशित हिमाचली भाषा की पुस्तकें भी प्रदर्शित की गईं।

इस कार्यक्रम में कई शिक्षाविद, वरिष्ठ मीडियाकर्मी और पुस्तक प्रेमी शामिल हुए।

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