यूएन-सीएसडीटी में भारत ने दी टीकाकरण की जानकारी

 नई दिल्ली 

भारत ने एक उच्च स्तरीय राउंड-टेबल सम्मेलन में कोरोना वायरस को फैलने से रोकनेनई दवाओं और टीकों के विकास के साथ-साथ कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए अपने नए उपायों पर प्रकाश डाला। विज्ञानतकनीक और नवाचार का इस्तेमाल कर अच्छी सेहत और कल्याण के सतत विकास लक्ष्य 3 के अंतर को कम करने की अपने प्रयासों के बारे में भी भारत ने जानकारी दी।

संयुक्त राष्ट्र-विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास आयोग (यूएन-सीएसडीटी) के 24वें सत्र के भाग के रूप में आयोजित उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन में सचिवडीएसटीप्रोफेसर आशुतोष शर्मा की ओर से संदेश पढ़ते हुएभारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्राष्ट्रीय प्रभाग के प्रमुख डॉ. एस.के.वार्ष्णेय ने समाज के सभी वर्गों के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण की देखभाल के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए कोविड-19 टीकाकरण अभियान पर प्रकाश डाला।

18 मई को आयोजित वर्चुअल उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वालों में गाम्बिया के सूचना और संचार इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्रीफिलीपींस के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रीपाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और शिक्षा मंत्रालय के सचिव (शिक्षा)नेपाल के विज्ञान और प्रौद्योगिकीडब्ल्यूएचओ के पैनलिस्ट के अलावाब्राजील के शिक्षाविद् और वैश्विक स्वास्थ्य में महिला के बोर्ड अध्यक्षसतत् विकास लक्ष्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र युवा नेता भी शामिल थे।पैनलिस्टों और मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडलों ने विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान और बाद में अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण पर सतत् विकास लक्ष्य 3 पर अंतर को बंद करने के लिए विज्ञानप्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग करने के लिए संबंधित सरकारों द्वारा शुरू किए गए उपायों और पहलों पर विस्तार से चर्चा की।