क्षेत्रीय कृषि मेला, महिला दिवस समारोह व विभिन्न भवनों का शुभारंभ

नारी के सम्मान के मामले में पूर्वोत्तर भारत एक मिसाल है

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कृषि मेला, महिला दिवस समारोह एवं वि.वि. के 9 भवनों व शोध प्रक्षेत्र का शुभारंभ सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि देश के पूर्वोत्तर राज्यों को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री 


नरेंद्र मोदी  सहित पूरी सरकार दिन-रात काम कर रही हैं। श्री तोमर ने कहा कि नए कृषि सुधार कानूनों से खेती-किसानी के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन व किसानों को व्यापक लाभ होगा और बिचौलियों का भी सफाया होगा।

इस केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का यह चौदहवां मेला है, जो “कृषि जीवंतता एवं आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र” जैसे विषय को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन॰ बिरेन सिंह, पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्य सभा व लोक सभा सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वैज्ञानिक, पद्मश्री से विभूषित क्षेत्र की महिलाएं, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल के कुलपति डा॰ अनुपम मिश्रा के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं तथा किसान उपस्थित थे। 

मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बोले- कहा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः, अर्थात जहां नारी या महिला को सम्मान दिया जाता है, वहां ईश्वर का वास होता है। इस लिहाज से समस्त पूर्वोत्तर भारत एक मिसाल है, जहां कोई लिंग भेद नहीं दिखता। यहां की महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास कार्यों में योगदान देती हैं। परिवार में कोई भी निर्णय लेने में भी परिजन महिलाओं की बात बराबरी से सुनी जाती है। यहां महिलाएं खेती, व्यापार व अन्य सभी कार्य बड़ी तल्लीनता से करती हैं। संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत, देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली महिलाओं से परिपूर्ण है, जिन पर गर्व है। श्री तोमर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ को मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में और भी आगे बढ़ाने का आव्हान किया। 

श्री तोमर ने कहा कि पूर्वोत्तर में लाभकारी कृषि व जैविक एवं प्राकृतिक खेती की काफी संभावनाएं है। इस दिशा में वि.वि., राज्य व केंद्र सरकार पूरे प्रयास कर रहे हैं। बेहतर कृषि उत्पादन व निर्यात बढ़ सकें, इसके लिए प्रयत्नों को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री जी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रूप में बड़ा सुरक्षा कवच दिया है, फरवरी-2021 तक किसानों ने लगभग 21 हजार करोड़ रू. प्रीमियम भरी, जिसके बदले उन्हें करीब 91 हजार करोड़ रू. का भुगतान दावों के रूप में किया जा चुका है। स्वाइल हेल्थ कार्ड की योजना भी प्रधानमंत्री जी के दृढ़ संकल्प के कारण प्रारंभ हुई है, जिसके अंतर्गत अभी तक 11.93 करोड़ किसानों को कार्ड दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में शुरू हुई थी, जिसका बजट मोदी जी ने केंद्र सरकार में आने के बाद बढ़ाकर अब साढ़े 16 लाख करोड़ रूपए कर दिया है। इसके माध्यम से करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है व फसल ऋण बिना किसी गारंटी के 4% ब्याज दर पर दिया जा रहा है। हमारे देश में लगभग 86 प्रतिशत छोटे व सीमांत किसान हैं, जिन्हें संगठित करके लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार किसान उत्पादक संगठन बनाने की महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की है। इस पर 5 साल में 6865 करोड़ रू खर्च किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से इसमें सहभागिता की अपील की। इसी तरह, पीएम किसान सम्मान निधि, मोदी जी की सरकार की ऐतिहासिक योजना है, जिसमें पौने 11 करोड़ किसानों को 1.15 लाख करोड़ रू. से ज्यादा राशि उनके बैंक खातों में दी जा चुकी हैं। 

श्री तोमर ने कहा कि नए कृषि सुधार कानून किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाने वाले है, खेती-किसानी में आमूलचूल परिवर्तन करने वाले है। इनके माध्यम से मंडियों के बाहर कृषि उपज की खरीद-बिक्री पर कोई टैक्स नहीं होगा, कोई रोक-टोक नहीं होगी, बिचौलियों का सफाया होगा, फसल के पहले ही औसत मूल्य की गारंटी मिल जाएगी। कांट्रेक्ट फार्मिंग की ठोस-पारदर्शी व्यवस्था की गई है। आत्मनिर्भर भारत अभियान में, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 1 लाख करोड़ रू. दिए गए है, वहीं सम्बद्ध क्षेत्रों को भी 50 हजार करोड़ रू. से ज्यादा दिए हैं। श्री तोमर ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले पूर्वोत्तर राज्यों का इतना ध्यान नहीं रखा जाता था, लेकिन मोदी जी के आने के बाद उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि इन राज्यों में भी केंद्र की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचे व सुशासन हो। विकास व संस्थाओं की दृष्टि से असंतुलन पाटने की कोशिश की गई है। हमारी सरकार पूर्वोत्तर के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। आवागमन व खेलों का विकास, युवा क्षमता विकास, कौशल आधारित उद्योगों का विकास, व्यापार एवं पर्यटन विकास आदि प्राथमिकताओं पर है। 

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार समूचे पूर्वोत्तर भारत में रेल लाइन का विस्तार कर रही हैं, जिसमें इम्फाल को भी जोड़ना प्राथमिकता है। हमारी सरकार एक्ट ईस्ट पालिसी के तहत इम्फाल– मोरे–म्यांमार–थाईलैंड तक हाइवे का निर्माण शुरू कर चुकी है, जिसके लिए 7707 करोड़ रू. का आवंटन किया है। सरकार की UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत यहां के हरेक प्रदेश को हवाई यात्रा की सुविधा सस्ते दर पर देने का कार्य किया जा रहा है, इस प्रकार मोदी जी की सरकार समूचे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन॰ बिरेन सिंह ने कहा कि कृषि मेला इस क्षेत्र के किसानों के लिए काफी लाभकारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी किसान भाई-बहन यहां प्रदर्शित तकनीक, कृषि की मशीनें, औजार एवं कृषि निवेशों के साथ साथ यहां के अनुसंधान क्षेत्र पर किए गए सजीव प्रदर्शन का भी अवलोकन करेंगे और इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने मेले के सफल आयोजन की कामना की। समारोह में वि.वि. की 9 इमारतों व शोध प्रक्षेत्र का अनावरण किया गया। ये हैं– मत्स्य आधारित समेकित माडल प्रक्षेत्र (लमफेलपट, इम्फाल), पुस्तकालय-सह-औषधालय, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय (तुरा, मेघालय), नर्सरी विद्यालय, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय (तुरा), खाद्य प्रसंस्करण इकाई, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय (तुरा), एम.टी.टी.सी. सह वी.टी.सी. भवन, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय (तुरा), बालक छात्रावास, उद्यानिकी महाविद्यालय (थेनजाल, मिजोरम), बालिका छात्रावास, उद्यानिकी महाविद्यालय (थेनजा), एम.टी.टी.सी. सह वी.टी.सी. भवन, मात्स्यिकी महाविद्यालय (अगरतला, त्रिपुरा) तथा के.वी.के. प्रशासनिक भवन, मात्स्यिकी महाविद्यालय (सिपाहीजला, त्रिपुरा)

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