उम्मीदवारों के लिए चुनाव हलफनामे में यह अनिवार्य शर्त होनी चाहिए कि कोई डिफ़ॉल्ट नहीं है बैंक ऋण के लिए

 

 नई दिल्ली: वायस आफ बैंकिंग के फाउंडर अश्विन राणा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा की हैं। इस संबंध में हमने वित् मंत्री एवं मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र द्वारा  दो प्रमुख सुझाव दिए हैं जो सभी बैंकों के लिए अत्यधिक महत्व के हैं : 

 जब बैंक किसी भी सामान्य व्यक्ति को ऋण देता हैं तो CIBIL  स्कोर रिपोर्ट की मांग की जाती है,  जो उस व्यक्ति की ऋण योग्यता को इंगित करती है और यदि किसी सामान्य व्यक्ति को बैंक से ऋण लेना है तो केवल इस सत्यापन के बाद ही  बैंक किसी व्यक्ति का ऋण स्वीकृत करता है। हमारा सुझाव है की चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को अपने बैंकर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाना चाहिए कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा बैंकों का कोई बकाया / डिफ़ॉल्ट नहीं है। नामांकन के लिए उम्मीदवारों को लंबित आपराधिक मामलों, चल और अचल संपत्तियों सहित विदेशी संपत्ति, देनदारियों, आय के स्रोत और पानी के बिल, बिजली का बिल और घर का किराया का कोई बकाया नहीं जैसे कुछ विवरण प्रस्तुत करने होंते हैं ।

 

2 इसलिए आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों द्वारा दायर किए जाने वाले चुनाव हलफनामे में एक अनिवार्य शर्त को जोड़ा जाना चहिये कि उसका या उसके परिवार का बैंक का कोई बकाया/ डिफ़ॉल्ट नहीं है और इस सन्दर्भ में  "उम्मीदवार अपने बैंकर से अनापत्ति प्रमाण (NOC) पत्र प्रस्तुत करें । इस तरह से बैंकों के डिफाल्टर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और कोई भी वास्तव में चुनाव लड़ना चाहता है तो  बैंक से अपने बकाये का एनओसी लाएगा।

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