उपराष्ट्रपति द्वारा भारतीय साहित्य की 10 महान कृतियों के चीनी तथा रूसी भाषाओं में अनुवादों की घोषणा

 भारत के क्षेत्रीय साहित्य के अनुवाद से देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत विदेशों तक पहुँचेगी - उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू


नई दिल्ली । शंघाई सहयोग सगठन (एससीओ) की आभासी बैठक के दौरान आज भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आधुनिक भारतीय साहित्य की 10 कालजयी कृतियों के चीनी तथा रूसी अनुवादों के पूर्ण होने की घोषणा की। यह घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्रीय साहित्य की इन अद्वितीय कृतियों के चीनी तथा रूसी भाषाआsa में अनुवाद से भारत की प्राचीन और समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत में दूसरे देशों के लोगों की व्यापक रुचि उत्पन्न होगी।


ज्ञात हो कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2019 में कजाकिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि भारतीय भाषाओं की 10 महान कृतियों का चीनी तथा रूसी भाषा में अनुवाद किया जाएगा। तदनुसार] साहित्य अकादेमी ने आधुनिक भारतीय साहित्य से 10 भारतीय भाषाओं की 10 कृतियों का चयन किया तथा इनका चीनी तथा रूसी अनुवाद प्रकाशित किया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 नवंबर 2020 को एससीओ प्रमुखों की आभासी बैठक में साहित्य अकादेमी द्वारा इनके अनुवाद पूर्ण किए जाने की घोषणा की थी।


साहित्य अकादेमी ने इस अवसर पर इन पुस्तकों के अंग्रेज़ी संस्करणों का भी पुनर्मुद्रण किया है। चीनी तथा रूसी भाषाओं में अनूदित ये भारतीय कृतियाँ हैं - सूरुजमुखीर स्वप्न ले. सैयद आब्दुल मालिक (असमिया) आरोग्य निकेतन ले. ताराशंकर बंद्योपाध्याय (बाङ्ला)] वेविशाल ले. झवेरचंद मेघाणी (गुजराती)] कव्वे और काला पानी ले. निर्मल वर्मा (हिंदी)] पर्व ले. एस.एल. भैरप्पा (कन्नड)] मनोज दासंक कथा ओ काहीणी ले. मनोज दास (ओड़िया)] मढ़ी दा दीवा ले. गुरदियाल सिंह (पंजाबी)] शिल नेरंगळिल शिल मणितर्कळ ले. जयकांतन (तमिऴ)] इल्लु ले. राचाकांsडा विश्वनाथ शास्त्री (तेलुगु) और एक चादर मैली सी ले. राजिन्दर सिंह बेदी (उर्दू)।