कृषि कानून के विरोध में ईस्टर्न पेरिफेरल वे को किसानों ने जाम किया

 यातायात जाम होने से परेशान रहे लोग, सुरक्षा में तैनात किए गए पुलिस और पीएसी के जवान


नोएडा। नए कृषि कानून और किसान विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के किसान भी सड़कों पर उतर आए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और किसान विरोधी कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। किसानों ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को जाम कर धरने पर बैठ गए।


यातायात अवरुद्ध होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। इधर, दिल्ली से लगने वाले नोएडा की सभी सीमाओं पर कड़ी चौकसी बरती गई। इससे यातायात काफी धीमी गति से चली। भारतीय किसान यूनियन के मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन खटाना और जिला अध्यक्ष अनित कसाना के नेतृत्व में किसान शुक्रवार की दोपहर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर सिरसा कट और दनकौर के बीच जमा हुए। वहां किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि कानून को वापस लेने की मांग की।


जिलाध्यक्ष अनित कसाना का कहना था कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी कार्य कर रही है। नए कृषि कानून से किसानों का उत्पीड़न और बढ़ेगा। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर किसानों पर किए गए लाठीचार्ज व वाटर कैनन के इस्तेमाल की संगठन कड़ी भर्त्सना करता है। श्री कसाना ने कहा कि किसान किसी भी कीमत पर झुकने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को मनवा कर ही रहेंगे। देर शाम तक किसान वहां डटे रहे। किसानों के समर्थन में कांग्र्रेस नेता परविंदर अवाना, फिरेराम तोंगड़, शमशाद सैफी, सुरेंद्र नागर, सुनील नागर, बेली भाटी, योगी नंबरदार, सुमित, अशोक भाटी, धर्मेंद्र भाटी, अनमोल शर्मा, चंद्र प्रकाश शर्मा आदि भी मौके पर पहुंचे। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर एक कंपनी पीएसी, पांच थानाध्यक्ष, 60 कांस्टेबल, 20 महिला सिपाही, टियर गैस व फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। किसानों के प्रदर्शन पर पुलिस अधिकारी भी करीबी निगाह रखे हुए हैं।