अल्पसंख्यक व फिल्मजगत भी लवजिहाद की जद में, सभी राज्य लाएं कानून: डॉ सुरेन्द्र जैन

कमलरुख जैसी बहिनों की दर्दनाक दास्तान को भी समझना होगा


नई दिल्ली। दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पारसी पत्नी कमलरुख द्वारा एक मुस्लिम से शादी करने के दुष्परिणामों को सार्वजनिक करने पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने एक बार फिर देश की बेटियों को सुरक्षा व उनके स्वाभिमान की रक्षार्थ लव जिहाद के विरुद्ध देशव्यापी कानून बनाने की अपनी मांग दोहराई है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि लव जिहादियों के चंगुल से अब देश के वास्तविक अल्पसंख्यक भी नहीं बचे।


   उन्होंने कहा कि दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पारसी पत्नी कमलरुख ने एक मुस्लिम से शादी करने के दुष्परिणामों का जो खुलासा किया है वह किसी को भी आहत करने के लिए पर्याप्त है। पहले मुस्लिम पति द्वारा विवाह के बाद धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के कारण अलगाव का दंश झेलना पड़ा और अब, जब वह अपने असहाय बच्चों के अधिकारों के लिए जूझ रही है तो, वाजिद के परिवारों के लोगों द्वारा धर्मांतरण के लिए जबरदस्ती की जा रही है। अभी तक कोई भी मुस्लिम नेता या अभिनेता कमलरुख को न्याय दिलाने के लिए सामने नहीं आया है। इससे साफ हो गया है कि फिल्मी जगत हो या उससे बाहर की दुनिया, कलाकार हो या कथित बुद्धिजीवी, व्यापारी हो या बेरोजगार इन सब लोगों के लिए विवाह या मित्रता के पीछे लव नहीं केवल जेहाद ही है। यह तथ्य एक न्यायालय ने भी पूछा था कि आखिर क्यों इस तरह के कथित विवाहों में केवल लड़की ही धर्मांतरण करने के लिए विवश की जाती है?


      विहिप के संयुक्त महा सचिव ने यह भी कहा कि यह स्मरण रखना चाहिए कि पारसी भारत में सबसे छोटी अल्पसंख्यक बिरादरी है। उनकी लड़की के प्रति भी उनकी वही मानसिकता है जो अन्य समाजों की लड़कियों के प्रति है। ईसाई, सिक्ख, दलित, जैन आदि सब समाज की लड़कियों के शिकार होने के सैकड़ों उदाहरण हर महीने आते रहते हैं। कुछ समाजों के कई नेता कई बार "मीम - भीम" जैसे नारे अपने स्वार्थों के कारण लगाते हैं। परंतु जब उनके समाज की लड़कियां इन जिहादियों की शिकार बनती हैं तो वे उन लड़कियों को न्याय दिलाने की जगह कन्नी काट जाते हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि इन नेताओं के लिए उनके निहित स्वार्थ ही महत्वपूर्ण है। वे अपने समाज का अपने स्वार्थों के लिए ही दुरुपयोग करते हैं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भी ऐसे नेताओं और जिहादियों के प्रति कई बार समाज को चेतावनी दी थी। विहिप सभी समाजों से अपील करती है कि वे ऐसे स्वार्थी नेताओं से बचें और जिहादियों के चंगुल में न फंसे। 


विहिप उत्तर प्रदेश सरकार का अभिनंदन करती है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश को इन जिहादियों से बचाने के लिए कानून बनाने में पहल की है। कमलरूख को न्याय के साथ हम महाराष्ट्र समेत अन्य सभी राज्य सरकारों से भी यही विनती करते हैं कि वे अपने पूर्वाग्रहों से बाहर निकलकर प्रदेश की शांति व जनता की रक्षार्थ लव जिहाद व अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए अति शीघ्र कानून बनाएं। गैर मुस्लिम समाज भी कब तक धैर्य रख सकेगा कोई नहीं कह सकता।