“नए संसद भवन का निर्माण समय से पूरा किए जाने और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा”: लोक सभा अध्यक्ष

नए भवन के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाएगा


नए भवन में संसद सदस्यों के अलग कार्यालय होंगे


नए संसद भवन में एक विशेष ‘संविधान कक्ष’ होगा जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत को दर्शाया जाएगा


कक्षों में प्रत्येक सांसद की सीट को और अधिक आरामदेह बनाया जाएगा और इसके साथ ही डिजिटल सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी


नई दिल्ली : लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज नए संसद भवन के निर्माण के संबंध में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की । केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने भी इस बैठक में भाग लिया ।


 इस बैठक में श्री बिरला को नए भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित क्षेत्र से मौजूदा सुविधाओं और अन्य संरचनाओं को स्थानांतरित किए जाने के संबंध में की गई प्रगति की जानकारी दी गई । इस क्षेत्र के आसपास घेरा बनाने और निर्माण प्रक्रिया के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किए जाने वाले विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई । आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने श्री बिरला को यह जानकारी भी दी कि नए भवन के निर्माण की अवधि के दौरान और विशेषकर संसद सत्र के दौरान अति विशिष्ट व्यक्ति और स्टाफ के आने-जाने की व्यवस्था कैसी होगी । मौजूदा संसद भवन में संसदीय समारोहों के आयोजन के लिए अधिक उपयोगी स्थान की व्यवस्था के लिए इसे उपयुक्त सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि नए भवन के साथ ही इस भवन का उपयोग भी सुनिश्चित हो सके ।


इस बैठक के दौरान श्री बिरला को जानकारी दी गई कि नए भवन के निर्माण का कार्य दिसंबर 2020 में शुरू होगा और इसे अक्टूबर 2022 तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है ।


परियोजना के विभिन्न पहलुओं और कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि संबंधित विभिन्न एजेंसियां नियमित आपस में तालमेल रखते हुए विभिन्न मुद्दों का समाधान करें । उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माण कार्य को समय से पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में कोई समझौता नहीं होना चाहिए ।


 इस बैठक के दौरान लोक सभा अध्यक्ष के निदेश से यह निर्णय लिया गया कि नए भवन के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाएगा । इस निगरानी समिति में अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ लोक सभा सचिवालय, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, के लो नि वि, न दि न पा के अधिकारी और परियोजना के आर्किटेक्ट/ डिजाइनर भी शामिल होंगे ।


नए भवन में संसद सदस्यों के लिए अलग कार्यालय होंगे । सदस्यों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य सुविधाओं में कक्षों में प्रत्येक संसद सदस्य की सीट अधिक आरामदेह होगी और उसमें डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो पेपरलेस कार्यालय की दिशा में एक अग्रणी कदम होगा ।


लोक सभा और राज्य सभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे। 


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