उद्यमियों को डरा रहा है वाणिज्य कर विभाग : एनईए

एनईए ने वाणिज्य कर विभाग के आदेश का किया विरोध


 नोएडा। उद्यमियों के सबसे बड़ संगठन नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (एनईए) ने वाणिज्यकर विभाग द्वारा बीते 10 नवंबर को जारी कार्यालय आदेश का विरोध किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में एनईए कोऑडिनेशन कमेटी के सदस्य एलबी सिंह ने कहा कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश ने उद्यमियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। 


एलबी सिंह ने बताया कि आदेश में कहा गया है कि जिन उद्योगों का टर्न ओवर अचानक बढ़ गया या घट गया है, उनके खिलाफ जांच की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कम से कम 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरा देश कोविड-19 जैसी महामारी से जूझ रहा है। 22 मार्च से करीब तीन माह तक सभी उद्योग, व्यापार आदि बन्द रहे। 17 मई को अनलॉक के प्रथम चरण के उपरान्त उद्योगों को चलाने की अनुमति सरकार द्वारा दी गई। लेकिन मजदूरों की कमी एवं बाजार में उत्पादों की मांग न होने के कारण आज तक उद्योग अपने उत्पादन को पूरी तरीके से नहीं शुरू कर पाए हैं। लेकिन, शासन की मंशा के अनुरूप नियमानुसार टैक्स की अदायगी समय से करते रहे हैं। 


उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्पादन एवं मांग की भारी कमी के कारण उद्योग भारी संकट से गुजर रहे हैं। करीब 40 प्रतिशत उद्योग धन और मांग की कमी के साथ-साथ बैंकों के ब्याज न चुका पाने के कारण बन्दी की कगार पर हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आ सके। परन्तु, वाणिज्य कर विभाग द्वारा अपने तुगलकी आदेश से उद्यमियों में भय का माहौल पैदा कर दिया गया है। 


उन्होंने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि यदि फैक्ट्री में काम नहीं है तो क्यों नहीं है, इसकी जांच होनी चाहिये और यदि कोई उद्योग किसी तरह से भाग दौड़ करके अपना उत्पादन बढ़ा दिया और उत्पादन के अनुसार टैक्स जमा कर रहे हैं तो क्यों ऐसा हुआ। यह भी जांच करेंगे कि क्यों उत्पादन एवं टैक्स बढ़ा है। यह कैसा न्याय है, समझ से परे है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा उद्यमियों को डराने, धमकाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे यूपी से उद्योगों का पलायन हो सके।