पूर्वोत्तर में कृषि के समग्र विकास में असम संस्थान की होगी अहम भूमिका

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, असम के परिसर का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया लोकार्पण


विष्य की ज्यादा आबादी के मद्देनजर मजबूती से काम कर रही है केंद्र सरकार- श्री तोमर


IARI, असम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर जाना जाएगाः श्री तोमर ने की घोषणा


अंत्योदय की भलाई के लिए जुटे हैं प्रधानमंत्री  मोदी- मुख्यमंत्री सोनोवाल


नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), गोगामुख (असम) के परिसर का लोकार्पण केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के अनुरूप, इस संस्थान की स्थापना से, यहां कृषि क्षेत्र में अनुसंधान व कृषि शिक्षा के माध्यम से पूर्वोत्तर के राज्यों- अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा एवं सिक्किम में, कृषि में सतत विकास संभव हो सकेगा। श्री तोमर ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार भविष्य की दृष्टि से मजबूती से काम कर रही है, जिससे वर्ष 2050 में जब आबादी काफी बढ़ जाएगी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां भी रहेगी, तब भी हमारा कृषि क्षेत्र बहुत मजबूत रहे और खाद्यान्न का भरपूर भंडार बना रहें।


श्री तोमर ने कहा कि एक दौर था जब देश में खाद्यान्न संकट था और एक समय उपवास करने की स्थिति बन गई थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री  लालबहादुर शास्त्री के कार्यकाल में हरित क्रांति का आव्हान हुआ, जिसे किसानों ने अथक परिश्रम से मूर्त रूप दिया, साथ ही पूसा संस्थान ने अनुसंधान व बीजों की उन्नत किस्में विकसित कर उत्पादन-उत्पादकता बढ़ाने में योगदान दिया और आज हमारा देश खाद्यान्न में न सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्कि सरप्लस है। कृषि क्षेत्र तेज रफ्तार से तरक्की कर रहा हैं, जिसमें पूसा संस्थान के वैज्ञानिकों की अग्रणी भूमिका है। 


श्री तोमर ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी  ने प्रधानमंत्री के रूप में देश का काम संभाला, तब उनके पहले से किए हुए अध्ययन के फलस्वरूप उन्होंने विविध क्षेत्रों की गैप्स को पहचानकर उन्हें भरने की शुरूआत की। कृषि का क्षेत्र भी इसमें शामिल है। देश की मजबूती के लिए मोदी जी ने न सिर्फ बातें कही, बल्कि उन्होंने व्यवहार में हर क्षेत्र में इन्हें करके भी दिखाया है। इसी क्रम में पूसा जैसे संस्थान रांची व असम में खोलने का फैसला हुआ था और तय समय-सीमा में ही इन दोनों का लोकार्पण भी हो गया है। श्री तोमर ने घोषणा की कि IARI, असम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर जाना जाएगा।


श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के निवासियों की चिंता करते हुए उन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही आत्मीय तौर पर जोड़ने पर भी जोर दिया है। प्रधानमंत्री जी ने हर महीने किसी केंद्रीय मंत्री को पूर्वोत्तर में दूरदराज के क्षेत्रों तक प्रवास करने को कहा है। प्रधानमंत्री जी ने अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम में समयानुकुल बदलाव किया है, वहीं दो नए विधेयकों के माध्यम से रिफार्म्स भी किए हैं, जो किसानों को संरक्षा प्रदान करने वाले हैं। इनसे खुले व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और संभावित जोखिमों व बाधाओं के बावजूद आने वाले कल में खेती-किसानी को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी खड़ा रखने में सक्षमता रहेगी। इनके अलावा, एमएसपी कायम रखने के साथ ही अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए भी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत 1 लाख करोड़ रूपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, 10 हजार नए एफपीओ बनाने, 20 लाख करोड़ रू. के पैकेज घोषित करने सहित अनेक उपाय किए हैं। 


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर हिंदुस्तान का अद्भुत हिस्सा है, जिस पर गर्व किया जा सकता है। सिक्किम अब जैविक राज्य घोषित हो गया है, वहीं अन्य राज्य भी आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है, जिसे सभी कदम से कदम, कंधे से कंधा मिलाकर पूरा करेंगे, बल्कि किसानों की आय तो दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के मद्देनजर फसलों का विविधीकरण आवश्यक है। कम पानी में, भविष्य के मौसम की अनुकूलता के हिसाब से फसलें उगाई जा सकें, इस दिशा में वैज्ञानिकों व कृषि छात्रों को सोचने व काम करने की आवश्यकता है। 


कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री  सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में भारत सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के सिद्धांतों पर अच्छे से कार्य कर रही है, जिससे अंत्योदय का उद्धार होगा। मोदी जी किसानों व श्रमिकों के लिए जो काम कर रहे हैं, वे ऐतिहासिक है। उन्होंने असम में IARI की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया और आशा प्रकट की कि यह संस्थान सरकार के उद्देश्यों को पूरा करने में सफल होगा। 


केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री  कैलाश चौधरी, उत्तरी लखीमपुर के सांसद  प्रदान बरूआ, गोगामुख के विधायक  रनोज पेगु विशेष अतिथि थे। अतिथियों ने, भविष्य की दृष्टि से देश में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे उपायों की सराहना करते हुए कहा कि नए रिफार्म्स देश को तेजी से तरक्की के रास्ते पर आगे ले जाएंगे। प्रारंभ में, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने संस्थान की जानकारी दी। डेयर के अपर सचिव  संजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. तिलक राज शर्मा, IARI के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह सहित अन्य अधिकारी, वैज्ञानिक शामिल हुए। 


 


 


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: भारतीय विज्ञान की प्रगति का उत्सव

हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के इलाज में कारगर है ‘आयुष-64’

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हुआ " श्रीमती माधुरी सक्सेना कंप्यूटर शिक्षण केंद्र" का उद्घाटन