सेल ने अब तक के किसी भी जुलाई माह का सर्वाधिक विक्रय दर्ज किया

नई दिल्ली,: देश की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने जुलाई 2020 में 15.83 लाख टन का विक्रय किया है, जो अब तक के किसी भी जुलाई महीने का सर्वाधिक विक्रय है। यह विक्रय कंपनी के जुलाई 2019 के 10.59 लाख टन विक्रय के मुक़ाबले करीब 50% अधिक है।


कंपनी ने जुलाई 2020 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 29% की बढ़ोत्तरी के साथ घरेलू बाजार में 12.73 लाख टन की बिक्री की और 349% की बढ़ोत्तरी के साथ 3.10 लाख टन स्टील का निर्यात किया है। कोरोना महामारी के इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान, कंपनी ने अपने परफ़ार्मेंस को और बेहतर करने के लिए अपनी मार्केटिंग की रणनीति और ग्राहक-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।


कंपनी ने पिछले ही जून महीने के रिकार्ड जून विक्रय हासिल करने के बाद जुलाई महीने का सर्वाधिक विक्रय दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले, कम बाज़ार कीमतों के बावजूद कंपनी द्वारा उठाए गए कई कड़े वित्तीय उपायों और बेहतर कैश कलेक्शन के सम्मिलित प्रयासों के चलते कंपनी अपनी उधारी को 50,000 करोड़ रुपये के साइकोलॉजिकल सीमा से नीचे लाने में सफल हुई है।


सेल के अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने कहा, “कंपनी कड़ी मेहनत कर रही है और अपने समग्र निष्पादन को बेहतर बनाने के लिए सभी क्षेत्रों में समन्वित टीम प्रयासों को बढ़ावा दे रही है। वास्तव में, इस चुनौतीपूर्ण समय ने हमें और अधिक मजबूत बनने के लिए उत्साहित किया है और हर एक अवसर को खोजने के लिए प्रेरित किया है। इन प्रयासों को नतीजे रिकार्ड विक्रय के आंकड़ों, इन्वेंट्री में सुधार, बेहतर कैश कलेक्शन और कम होते उधार के रूप सामने आने शुरू हो चुके हैं। कंपनी अपने सभी स्टेकहोल्डर्स की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अपने उधार को और कम करने की दिशा में काम कर रही है।”


उन्होंने बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, “सेल तेजी से आगे बढ़ रहा है और बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कंपनी ने इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भी रेलवे, रक्षा, आदि की विशेष जरूरतों को पूरा किया है और भविष्य में भी ऐसा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।