आप नेता ने यूपी में कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

पंचायत चुनावों में आम आदमी पार्टी उतारेगी अपने उम्मीदवार 


नोएडा। कोरोना संकट के बीच आम आदमी पार्टी के सांसद और यूपी के प्रभारी संजय सिंह योगी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगी सरकार नाकाम है। भ्रष्टाचार और कोरोना के खिलाफ संघर्ष में इच्छाशक्ति की कमी पर भी सरकार को घेरा। उत्तर प्रदेश में मौजूदा वर्ष के अंत में प्रस्तावित पंचायत चुनावों में आम आदमी पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। 


सेक्टर-29 स्थित मीडिया क्लब में शुक्रवार को हुई प्रेस कान्फ्रेंस में आप के सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में छोटी-छोटी बच्चियों की अस्मत लूटी जा रही है। दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। कानपुर बाल संरक्षण गृह में 57 मासूम बच्चियां कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं। 07 बच्चियां गर्भवती हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार ऐसे दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें बचाने में जुटी है। सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। लॉकडाउन के दौरान भी प्रदेश में हत्याएं हुईं है। पूरे-पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अपराध चरम पर है। पिछले दिनों कानपुर में विकास दुबे एनकाउंटर के बाबत कह कि कोई एक दिन में विकास नहीं बन जाता है। विकास को बनाने में किन-किन लोगों का सहयोग रहा है, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कानपुर घटना से जुड़े प्रभात मिश्रा के एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए और कहा कि नाबालिग का एनकाउंटर किया गया।


सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए की जा रही कम टेस्टिंग पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि 23 करोड़ आबादी वाले राज्य में मात्र 25 हजार लोगों की टेस्टिंग हो रही है। जबकि दिल्ली में 2.5 करोड़ आबादी वाले राज्य में 23 हजार लोगों की कोरोना टेस्टिंग हो रही है। इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य यूपी में ना के बराबर कोरोना टेस्टिंग की जा रही है, इसीलिए यूपी में कोरोना के केस कम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार नो एफआईआर, नो क्राइम और नो कोरोना टेस्टिंग, नो कोरोना के फार्मूले को अपनाए हुए है। यूपी में कम से कम 2 लाख लोगों की प्रतिदिन टेस्टिंग होनी चाहिए। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना जांच के लिए लैब बनाएं जाने चाहिए। 


यूपी में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला का जिक्र किया और कहा कि योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के कई नए कीर्तमान स्थापित किए हैं। सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते प्रदेश में एक फर्जी शिक्षिका 25 जगह से एक वर्ष के अंदर एक करोड़ रुपये वेतन प्राप्त कर लेती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र को कुचल दिया गया है। यहां कुछ भी बोलना अपराध हो गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी ने सरकार को आईना दिखाया तो सरकार ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। योगी सरकार प्रदेश में तानाशाही रवैया अपनाये हुए है। देश में एक पार्टी विधायक बेचती है और दूसरी विधायक खरीदती है। वोट कांग्रेस को दो और सरकार बीजेपी की बन जाती है।


आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह और प्रदेश के सह-प्रभारी नदीम अशरफ जायसी की मौजूदगी में जिले के कांग्रेस, सपा और बसपा के कई नेता अपने अपने दलों को छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। संजय सिंह ने उन्हें पार्टी की टोपी पहनाकर आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। 1991 में नोएडा-दादरी से कांग्रेस पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके चौधरी जिले सिंह भाटी एवं उनके पुत्र हरदीप सिंह भाटी अपने 25 साथियों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी में शामिल होने वालों में राहुल चौधरी जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी, ज्ञानेंद्र सिंह अवाना, रतन लाल प्रधान, गौरव माथुर शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के धनंजय सिंह और बसपा के भी कई नेताओं ने आप की सदस्यता ली। 


प्रेस कान्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश इसी वर्ष के अंत में प्रस्तावित पंचायत चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस मौके पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन, जिला महासचिव एवं पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम, आप यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष फैसल वारसी, प्रदेश सचिव नवाब सोनी, प्रदेश सचिव विनय पटेल, पंडित उमेश गौतम, प्रो. एके सिंह, प्रशांत रावत, अनिल चेंची, दिलदार अंसारी, पूर्व जिलाध्यक्ष केपी सिंह, राहुल सेठ, आफताब आलम, परशुराम चौधरी और चिंटू आदि मौजूद रहे।


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