वर्चुअल मोड पर आईएचजीएफ टेक्सटाइल मेला 15 जून से : राकेश कुमार

देशभर के 250 निर्यातक प्रदर्शित करेंगे अपने उत्पाद 


नई दिल्ली/ ग्रेटर नोएडा। भारतीय अर्थव्यवस्था में होम फर्निशिंग, फ्लोर कवरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर के महत्व को देखते हुए ईपीसीएच की ओर से वर्चुअल मोड पर आईएचजीएफ-टेक्सटाइल्स मेले का आयोजन 15 से 18 जून तक किया जाएगा। इस मेले में इन सभी श्रेणियों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन में पूरे देश से 250 से ज्यादा सदस्य निर्यातक होम फर्निशिंग, फ्लोर कवरिंग और टेक्सटाइल आइटमों से जुड़े अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इंफॉमेटिव वेबिनार्स और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पियों की कला का प्रदर्शन वर्चुअल मोड पर होने वाले इस आईएचजीएफ- टेक्सटाइल मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।


ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि कोविड 19 महामारी से उपजे संकट से निपटने के लिए हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने वर्चुअल व्यापार मेलों की शुरुआत कर इस चुनौतीपूर्ण समय में सबसे मुफीद व्यापार प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि वर्चुअल मोड पर आयोजित पहला इंडियन फैशन ज्वैलरी एंड एसेसरीज मेला 4 जून 2020 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस मेले में विभिन्न देशों के 1200 विदेशी ग्राहकों और उनके प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इसमें 150 करोड़ से ज्यादा की गंभीर बिजनेस इंक्वायरी भी की गयी।


राकेश कुमार ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए वर्चुअल मोड पर होने वाले इस व्यापार मेले ही न्यू नार्मल होंगे और अगले 6 से 12 महीने तक व्यापार करने के सबसे प्रमुख माधयम भी साबित होंगे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों ने ईपीसीएच के इस अभिनव प्रयोग का स्वागत करते हुए इस अवसर को हाथों-हाथ लेकर पूरा लाभ उठाया है।


उन्होंने बताया कि होम फर्निशिंग, फ्लोर कवरिंग और टेक्सटाइल हस्तशिल्प निर्यात सेक्टर के महत्वपूर्ण अंग हैं। इन वस्तुओं के सबसे बड़े बाजार अमरीका और यूरोप हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इन आइटमों की निर्यात देश से हुए हस्तशिल्प निर्यात के कुल निर्यात का 25 प्रतिशत था, जो करीब 6200 करोड़ रुपये के आसपास था। भारतीय अर्थव्यवस्था में होम फर्निशिंग, फ्लोर कवरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर के महत्व को देखते हुए ईपीसीएच वर्चुअल मोड पर आईएचजीएफ-टेक्सटाइल्स का 15 से 18 जून 2020 तक आयोजन करने जा रहा है। इस मेले में इन सभी श्रेणियों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन में पूरे देश से 250 से ज्यादा सदस्य निर्यातक होम फर्निशिंग, फ्लोर कवरिंग और टेक्सटाइल आइटमों से जुड़े अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इंफॉमेटिव वेबिनार्स और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पियों की कला का प्रदर्शन वर्चुअल मोड पर होने वाले इस आईएचजीएफ-टेक्सटाइल मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।


ईपीसीएच के महानिदेशक ने बताया कि इफ्जास यानी वर्चुअल मोड पर हुए पहले फैशन ज्वैलरी और एसेसरीज के मेले की सफलता, निर्यातकों के उत्साह और विदेशी ग्राहकों की अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए हम सभी को उम्मीद है कि टेक्सटाइल्स पर आयोजित होने वाले इस वर्चुअल मेले को भी विदेशी ग्राहकों और बड़ी संख्या में भारतीय फुटकर ग्राहकों का पूरा समर्थन मिलेगा। वे सभी इस मेले में बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इसमें कोई कमी ना रह जाए, इसके लिए ईपीसीएच ने ईमेल ब्लास्ट, टेलीकॉलिंग, भारतीय दूतावासों और भारतीय मिशन को भी अपनी व्यापक प्रचार रणनीति का हिस्सा बनाया है। इसके जरिए कोशिश है कि प्रतिभागियों और मेले में शिरकत करने वाले ग्राहकों के लिए एक ऐसा वातावरण बनाया जाए, जिससे दोनों पक्षों को लाभ हो सके। 


हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश में हस्तशिल्प के निर्यात को प्रोत्साहित करने का शीर्ष संगठन है। इसके साथ ही कारीगरों के जादुई हाथों से बने हस्तशिल्प की वैश्विक बाजारों में ब्रांड इमेज बनाने में भी इस संगठन की अहम भूमिका है। परिषद ही दुनिया के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेले यानी- आईएचजीएफ-दिल्ली मेले का आयोजन भी करती है। 


राकेश कुमार ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में हस्तशिल्प सेक्टर के निर्यात पर कोविड महामारी के चलते बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। उम्मीद की जा रही है कि वर्चुअल मोड पर आयोजित होने वाले इन व्यापार मेलों की वजह से अपने नुकसान की भरपाई आने वाले समय में कर लेगा और हस्तशिल्प का कारोबार वापस पटरी पर आ जाएगा। व्यापार गतिविधियों के सामान्य होने से इस सेक्टर के कारीगरों और निर्यातकों को बहुत लाभ होगा।