स्व, दिनेशराय डांगी की सेवाओं के कारण एससी वर्ग का समर्थन नीरज डांगी को






 

जयपुर। (वैभव लोढ़ा)राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की और से मैदान में उतरे नीरज डांगी सभी 4 प्रत्याशियों में अकेले अनुसूचित जाति के हैं वह कांग्रेस में लंबे समय तक संगठन के अंदर सक्रिय हैं तथा युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं वर्तमान में पार्टी के प्रदेश महासचिव पद पर हैं   उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी कांग्रेस की रही है नीरज डांगी के पिता दिनेश राय डांगी अपने जमाने के मजबूत कांग्रेस नेता माने जाते रहे हैं।
 दिनेशराय डांगी 1962 में देसूरी विधानसभा क्षेत्र से  विधायक चुने गए तथा राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुए 1972 में भी इसी क्षेत्र से वे  निर्विरोध निर्वाचित हुए जो आज भी रिकॉर्ड के रूप में जाना जाता है 1980 से 1985 तक वह तीसरी बार इस क्षेत्र से चुनाव जीते तथा मंत्री बने। अपने  जीवन में श्री डांगी ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के लिए बहुत काम किया उनके सभी वर्गों से अच्छे संबंध रहे हैं इसी कारण वे सर्वसम्मति से निर्विरोध चुने गए थे, किसी भी राजनेता का अपने क्षेत्र से निर्विरोध चुना जाना अचंभित करने वाला है देसूरी क्षेत्र अब वाली विधानसभा क्षेत्र के रूप में जाना जाता है जहां से  भैरों सिंह शेखावत ने भी दो बार चुनाव जीता था।
 दिनेश राय डांगी ने आरक्षित वर्ग के लोगों मैं राजनीति चेतना का संचार कराया इसी कारण उनके समय इन वर्गों के कई नेता अस्तित्व में आए इनमें से आज भी  मंत्री , विधायक व सांसद व अन्य पदों पर हैं, समाज के लोगों को रोजगार के अवसर दिलाने के लिए वे सदैव सक्रिय रहे, उन्होंने जीवन पर्यंत महिला शिक्षा, राजनीतिक चेतना और स्वावलंबी बनने पर जोर दिया, वे ग्रामीण विकास के भी पक्षधर थे, अपनी राजनीतिक वफादारी, चातुर्य,सूझ बूझ के कारण कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें हमेशा तवज्जो दी ।
राजस्थान में राज्यसभा के अभी हो रहे चुनाव में प्रदेश भर के अधिकांश एससी संगठन नीरज डांगी को भारी बहुमत से जिताने के प्रयास में जुटे हैं, इसका बहुत बड़ा कारण स्वर्गीय दिनेशराय डांगी का इस वर्ग को  दिलवाया गया मान सम्मान है।