कैट ने उद्धव ठाकरे से हाल ही में चीनी कंपनियों के साथ समझौते को रद्द करने की मांग की

 शिव सेना और काग्रेस पर चीनी कंपनियों की मिलीभगत 


कनफेडेरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट ) जिसने भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान का आव्हान किया है ने आज महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भेजकर मांग की है की हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने चीन की तीन कंपनियों के साथ जो समझौता किया है उसे चीन के खिलाफ देशवासियों के रोष और आक्रोश को देखते हुए तुरंत रद्द कर देना चाहिए । कैट ने राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की ऐसे समय जब पूरा देश चीन के खिलाफ एकसाथ उठ कर खड़ा हो गया है ऐसे में महाराष्ट्र सरकार द्वारा चीन की कंपनियों से समझौता करना बाला साहेब ठाकरे जो एक सच्चे देशभक्त थे के दृष्टिकोण एवं जीवन दर्शन के पूरी तरह खिलाफ है । श्री खंडेलवाल ने कांग्रेस के दोहरे मानकों की भी आलोचना करते हुए कहा की एक तरफ तो कांग्रेस चीन को लेकर  प्रधान मंत्री से सवाल कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर कांग्रेस शिवसेना के साथ महाराष्ट्र में  चीनी कंपनियों के साथ मिलीभगत कर रही है जो बेहद अफसोसजनक है !।


कैट सुशील कुमार जैन, संयोजक, कैट ,दिल्ली एन ही आर ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार,तीनों चीनी कंपनियां- हेंगली इंजीनियरिंग, पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी विद फोटॉन और ग्रेट वॉल मोटर्स पुणे जिले के तालेगांव में निवेश करेंगी। हेंगली इंजीनियरिंग 250 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, पीएमआई ऑटो सेक्टर में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और ग्रेट वाल मोटर्स  3,770 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक ऑटोमोबाइल कंपनी स्थापित करेगी।


श्री ठाकरे को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि इस समय पूरा देश अत्यधिक गुस्से और रोष से भरा हुआ है ताकि चीन को न केवल सैन्य रूप से मजबूत प्रतिक्रिया दी जा सके बल्कि आर्थिक रूप से भी चीन को धक्का पहुँचाया जा सके ! चीनी आक्रामकता और भारत के खिलाफ उसकी निरंतर दुश्मनी को लेकर  देश भर में जबरदस्त गुस्सा है। यह सर्वविदित है की चीन ने भारत में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान के नापाक इरादों का सदा समर्थन किया है। कैट ने कहा की सारा देश इस बात को मानता है की महाराष्ट्र सरकार महान राष्ट्रवादी और भारत के राजनीतिक दिग्गज श्री बालासाहेब ठाकरे को अपने आदर्श के रूप में मानती है जो हमेशा स्वदेशी में विश्वास करते थे और भारत के विरोधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे । इस नाते से कैट ने यह उम्मीद जताई है की चीन के खिलाफ भारत में बानी वर्तमान परिस्थितयों को देखते हुए श्री उद्धव ठाकरे तीनी चीनी कंपनियों के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द करने करेंगे ! महाराष्ट्र सरकार का यह कदम राष्ट्र की वर्तमान मनोदशा और लोगों की भावनाओं के अनुरूप होगा !