सोनेलाल पटेल याद किए गए

लखनऊ, 


अपना दल के संस्थापक एवं गरीबों, कमेरों के मसीहा यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल जी की 10 वीं पुण्यतिथि को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर पार्टी कार्यकत्र्ताओं द्वारा लखनऊ सहित प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेशभर में डॉक्टर सोनेलाल पटेल और उनके द्वारा समाज के दबे, कुचले, शोषित वर्ग के उत्थान के लिए किए गए संर्घर्ष की चर्चा की गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉक्टर साहब अपना पूरा जीवन गरीबों, कमजोर, शोषितों के विकास के लिए समर्पित किया।


बता दें कि आज से 10 साल पहले 17 अक्टूबर को कानपुर में एक रोड एक्सीडेंट में डॉक्टर सोनेलाल पटेल जी का निधन हो गया। अपना दल के कार्यकत्र्ता हर साल 17 अक्टूबर को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल का कहना है कि परिनिर्वाण दिवस पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में डॉक्टर सोनेलाल पटेल जी के जीवन पर आधारित संगोष्ठी, सेमिनार का आयोजन होता है और उनके संघर्ष को याद किया जाता है। वास्तव में समाज के दबे-कुचले, गरीब, कमजोर, शोषित तबके का उत्थान यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल जी के बताए मार्ग पर ही हो सकता है।


लखनऊ, 17 अक्टूबर


अपना दल के संस्थापक एवं गरीबों, कमेरों के मसीहा यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल जी की 10 वीं पुण्यतिथि को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर पार्टी कार्यकत्र्ताओं द्वारा लखनऊ सहित प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेशभर में डॉक्टर सोनेलाल पटेल और उनके द्वारा समाज के दबे, कुचले, शोषित वर्ग के उत्थान के लिए किए गए संर्घर्ष की चर्चा की गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉक्टर साहब अपना पूरा जीवन गरीबों, कमजोर, शोषितों के विकास के लिए समर्पित किया।


बता दें कि आज से 10 साल पहले 17 अक्टूबर को कानपुर में एक रोड एक्सीडेंट में डॉक्टर सोनेलाल पटेल जी का निधन हो गया। अपना दल के कार्यकत्र्ता हर साल 17 अक्टूबर को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल का कहना है कि परिनिर्वाण दिवस पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में डॉक्टर सोनेलाल पटेल जी के जीवन पर आधारित संगोष्ठी, सेमिनार का आयोजन होता है और उनके संघर्ष को याद किया जाता है। वास्तव में समाज के दबे-कुचले, गरीब, कमजोर, शोषित तबके का उत्थान यश:कायी डॉ.सोनेलाल पटेल जी के बताए मार्ग पर ही हो सकता है।


सोनेलाल पटेल याद किए गए


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